{"_id":"696239b3283d8efa990b8d45","slug":"video-algaugdhha-ka-shakhajhal-ma-bja-rasaka-jaesaaara-mathhakara-na-parakata-ka-bca-gaya-bhajana-2026-01-10","type":"video","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ की शेखाझील में बृज रसिक जेएसआर मधुकर ने प्रकृति के बीच गाया भजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ की शेखाझील में बृज रसिक जेएसआर मधुकर ने प्रकृति के बीच गाया भजन
बृज रसिक जेएसआर मधुकर ने शुक्रवार की दोपहर शेखझील में टीले पर बैठकर शास्त्रीय भजन गायन किया। तुलसी का पौधा रोपने के बाद उन्होंने बैजू बावरा के राग तोड़ी से शुरुआत की। बताया कि अलीगढ़ स्वामी हरिदास की जन्म और कर्मस्थली है। उन्हीं की भक्ति अलीगढ़ खींचकर ले आई। स्वर संगीत प्रकृति को भी सुनना पसंद है, इसलिए प्रकृति और पक्षियों बीच भजन गायन का कार्यक्रम रखा। उन्होंने तानसेन, रसखान आदि के पद और भजन गाए। कार्यक्रम का आयोजन शेखा झील क्षेत्र विकास समिति (यूथ फॉर नेशन) की ओर से किया गया। संचालन एडवोकेट संतोष सिंह तथा संयोजक दिनेश सिंह ने किया। डॉ. गुनाकर, शिवकांति, प्रीती सिंह, राम बेटी, नीरज, मनोज, पुष्पेंद्र, शिवा मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।