{"_id":"69ae8656041b7ce21e048d3b","slug":"video-ayathhaya-ma-shakaracaraya-avamakatashavaranatha-ka-paratanathha-na-uthae-saval-sarakara-ka-nataya-para-sathha-nashana-2026-03-09","type":"video","status":"publish","title_hn":"अयोध्या में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के प्रतिनिधि ने उठाए सवाल, सरकार की नीतियों पर साधा निशाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के प्रतिनिधि ने उठाए सवाल, सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडेय (गोप) सोमवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कंचन भवन में पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा सरकार की हिंदुत्व नीति और संत समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाएं। कहा कि सरकार को संतों और शंकराचार्यों से जुड़े मामलों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में स्वयंभू धार्मिक पदों की घोषणाएं और परंपराओं के विपरीत आचरण बढ़ रहा है, जिस पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने विभिन्न धार्मिक पदों पर नियुक्तियों और कथित विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विषयों पर संत समाज और शासन को पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
देवेंद्र पांडेय ने गोहत्या के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि गो संरक्षण और गोहत्या पर सख्त नीति लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। आरोप लगाया कि कई राज्यों में गोहत्या से जुड़े मामलों और मंदिरों से संबंधित निर्णयों पर सरकार की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंगा की अविरलता, रामसेतु संरक्षण, धार्मिक परंपराओं की रक्षा और गोसंरक्षण जैसे मुद्दों पर लगातार आंदोलन और यात्राएं की हैं। उनके अनुसार शंकराचार्य ने देशभर में गोधाम निर्माण और धर्म से जुड़े विषयों पर जागरूकता के लिए भी अभियान चलाए हैं।
देवेंद्र पांडेय ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संदर्भों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में शंकराचार्य परंपरा की भूमिका रही है और धर्म की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहे हैं। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सत्य और धर्म की रक्षा के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। इसी कारण वे कई विरोधों के निशाने पर हैं। विभिन्न आरोपों और विवादों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सत्य सामने आ सके।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।