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VIDEO : Gonda: छह महीने से ताले में बंद दिल की जांच करने वाली मशीन, हार्ट के मरीजों की नहीं हो पा रही टू-डी इको जांच
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VIDEO : Gonda: छह महीने से ताले में बंद दिल की जांच करने वाली मशीन, हार्ट के मरीजों की नहीं हो पा रही टू-डी इको जांच
ठंड में हृदय रोग की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज हृदय रोग की समस्या को लेकर आ रहे हैं लेकिन इन्हें जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। वजह दिल की जांच करने वाली टू-डी इको मशीन पिछले छह महीने से ताले में बंद है। जिम्मेदार बताते हैं कि मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है और टेक्नीशियन की तैनाती भी नहीं है जिससे मरीजों को बाहर से टू-डी इको जांच करानी पड़ रही है।
कोरोना संक्रमण के दौरान कोविड अस्पताल के लिए अत्याधुनिक टू-डी इको मशीन खरीदी गई थी। लेकिन हृदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण मशीन संचालित नहीं हो सकी। जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने के बाद कोविड बिल्डिंग में मेडिसिन विभाग शुरू किया गया जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ. एजाज अहमद ने मशीन का संचालन भी शुरू किया।
टेक्नीशियन न होने के कारण वह खुद ही हृदय रोगियों की जांच करते थे लेकिन फिर मशीन में तकनीकी खराबी आ गई और उसे ताले में बंद कर दिया गया। जिससे करीब छह महीने से इस जीवन रक्षक मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
दिल की बीमारी जानने के लिए टू-डी इको जरूरी
डॉ. एजाज अहमद ने बताया कि टू-डी इको कार्डियोग्राफी का प्रयोग दिल की संरचनाओं की वास्तविक गति को देखने के लिए किया जाता है। हृदय की 60 प्रतिशत से अधिक पंपिंग होने पर सामान्य माना जाता है जबकि 40 प्रतिशत पंपिंग पर दिल में दिक्कत होना बताया जाता है। वहीं, 30 प्रतिशत से कम होने पर हार्ट अटैक की आशंकाएं बढ़ जाती है। इस जांच में दो से तीन मिनट का समय लगता है। टीएमटी में व्यक्ति को ट्रेड-मिल-मशीन पर तेज-तेज लगभग 5 से 10 मिनट चलाया जाता है। टेस्ट के दौरान धीरे-धीरे मशीन की स्पीड व एंगल बढ़ाते हैं। इस दौरान मरीज का ईसीजी मॉनीटर किया जाता है। यदि शुरू व बाद की ईसीजी में काफी अंतर पाया जाए तो टेस्ट को पॉजिटिव माना जाता है।
मशीन में तकनीकी खराबी के कारण नहीं हो पा रही जांच
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. एजाज अहमद ने कहा कि टू-डी इको मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है और टेक्नीशियन की नियुक्ति भी नहीं है जिसके कारण जांच नहीं हो पा रही है। प्राचार्य को पत्र लिखकर मशीन की मरम्मत कराने व टेक्नीशियन की नियुक्ति किए जाने की मांग की गई है।
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