Hindi News
›
Video
›
Uttar Pradesh
›
Jhansi News
›
Mahatma Gandhi stayed at SPI during the Non-Cooperation Movement; he encouraged the adoption of *Swadeshi* and the burning of foreign cloth.
{"_id":"6a7acd8b74d9d003310ce155","slug":"video-mahatma-gandhi-stayed-at-spi-during-the-non-cooperation-movement-he-encouraged-the-adoption-of-swadeshi-and-the-burning-of-foreign-cloth-2026-08-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"असहयोग आंदोलन के दौरान एसपीआई में रुके थे महात्मा गांधी, स्वदेशी अपनाने और विदेशी वस्त्र जलाने के लिए किया था प्रेरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असहयोग आंदोलन के दौरान एसपीआई में रुके थे महात्मा गांधी, स्वदेशी अपनाने और विदेशी वस्त्र जलाने के लिए किया था प्रेरित
झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:51 PM IST
Link Copied
झांसी के एसपीआई इंटर कॉलेज के हिंदी अध्यापक संगम सिंह का कहना है कि 30 नबंवर 1920 का राष्ट्रपिता महात्मा गांधी झांसी के सरस्वती पाठशाला इंडस्ट्रियल इंटर कॉलेज में असहयोग आंदोलन के दौरान रुके थे। जिसमें उन्होनें लोगों को स्वदेशी वस्त्र अपनाने और विदेशी वस्त्रों को जलाने के लिए प्रेरित किया था। कॉलेज में महात्मा गांधी का स्मृति कक्ष बनाया गया था। जिसमें वर्तमान में अटल टिंकरिंग क्लास चल रही है। इसके अलावा उनकी स्मृति में 1973-74 में महात्मा गांधी की मूर्ति लगाई गई थी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।