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Newly appointed Director of Medical Education Dr. Ashutosh Sayana conducted a surprise inspection of STH and Government Medical College Haldwani
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VIDEO: नवनियुक्त चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने एसटीएच और राजकीय मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण
प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और फैकल्टी की कमी को जल्द दूर किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही स्पोकन (वॉकिन) इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। यह बात नए चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज और डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के औचक निरीक्षण के दौरान कही।
निदेशक का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार पहुंचे डॉ. सयाना ने स्पष्ट किया कि पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में नए मेडिकल कॉलेजों को जल्द से जल्द शुरू करना शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण कर कमियों को चिह्नित किया जा रहा है, ताकि प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार कर समाधान किया जा सके।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा, स्वच्छता और व्यवहार सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने एसटीएच के गायनी विभाग, कैथ लैब, और मेडिसिन आईसीयू समेत विभिन्न वार्डों का दौरा किया। उन्होंने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, वार्डों की स्थिति और स्टाफ की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और अस्पताल परिसर में उच्च स्तरीय साफ-सफाई बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।
बंद सैनिटाइज़र मशीन पर जताई नाराजगी
अस्पताल में बंद पड़ी हैंड सैनिटाइज़र मशीनों को देखकर निदेशक ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया और उन्हें तत्काल चालू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में छोटी से छोटी अव्यवस्था भी मरीजों की सुविधा को प्रभावित करती है, इसलिए लगातार निगरानी आवश्यक है। उन्होंने मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने को कहा।
डॉक्टरों और स्टाफ के लिए ''नेम प्लेट'' अनिवार्य
अस्पताल में पारदर्शिता और मरीजों की सहूलियत बढ़ाने के उद्देश्य से निदेशक ने कड़ा आदेश जारी किया है। अब सभी मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अपनी नेम प्लेट लगाना अनिवार्य होगा। इससे मरीज और उनके तीमारदार आसानी से अपने डॉक्टर की पहचान कर सकेंगे।
अनियमितता पर संचालकों को थमाया जाएगा नोटिस
पीपीपी मोड के तहत दी जा रही सेवाओं जैसे अल्ट्रासाउंड व अन्य जांचों के बीच में बंद होने और डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. सयाना ने कहा कि संबंधित संचालकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान प्रभारी एमएस डॉ. शहजाद सिद्दीकी, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. परमजीत सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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