Hindi News
›
Video
›
Uttarakhand
›
Pithoragarh News
›
Mock drill conducted to strengthen disaster management system, relief team reached the spot as soon as information was received in pithoragarh
{"_id":"69ba8ec624bae3880700afb9","slug":"video-mock-drill-conducted-to-strengthen-disaster-management-system-relief-team-reached-the-spot-as-soon-as-information-was-received-in-pithoragarh-2026-03-18","type":"video","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh: आपदा प्रबंध तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए हुई मॉक ड्रिल, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा राहत दल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh: आपदा प्रबंध तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए हुई मॉक ड्रिल, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा राहत दल
गायत्री जोशी
Updated Wed, 18 Mar 2026 05:08 PM IST
Link Copied
पिथौरागढ़ में भूकंप से जिला अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गया तो डीडीहाट में आपदा से भूस्खलन होने से कई लोग हताहत हो गए। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा। इन घटनाओं में घायलों को रेस्क्यू कर स्थानीय अस्पतालों में पहुंचाया गया जहां इनका इलाज किया गया। सीमांत जिले में आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ एवं अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भूकंप और आपदा पर आधारित मॉक ड्रिल हुई इसमें राहत एवं बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को राहत पहुंचाई। अभ्यास के दौरान तहसील बेड़ीनाग स्थित देवीनगर क्षेत्र में एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। मुनस्यारी तहसील के दरकोट, धापा क्षेत्र में एक मृतक एवं पांच घायलों को रेस्क्यू किया गया। बचाव दलों ने घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उपचार के लिए भेजा। साथ ही घायल दो बकरियों को भी बचाया गया। डीडीहाट तहसील के ननपापो क्षेत्र में हुए भूस्खलन में गंभीर रूप से दो जबकि चार सामान्य घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं जिला चिकित्सालय में तीन मृतक एवं 21 घायलों को लाए जाने का अभ्यास किया गया। चिकित्सकीय टीम ने त्वरित उपचार एवं आपातकालीन सेवाओं की तत्परता का प्रदर्शन किया। धारचूला तहसील के रांगती नाला, तवाघाट क्षेत्र में दो घायल एवं तीन सामान्य घायलों का परिदृश्य तैयार किया गया। इस दौरान भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति भी बनाई गई। रेस्क्यू टीम ने प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालने का सफल अभ्यास किया। मॉक अभ्यास के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, अग्निशमन, वन विभाग एवं अन्य सहयोगी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने बताया कि इस प्रकार के मॉक अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग और विभागों के मध्य समन्वय को सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय से ही वास्तविक आपदा के समय जन-धन की हानि को न्यून किया जा सकता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।