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अक्षय तृतीया 2026: पीली पोशाक, स्वर्ण आभूषणों का श्रृंगार, आप भी कर लें बांके बिहारी के चरण दर्शन; तस्वीरें
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 20 Apr 2026 11:31 AM IST
सार
वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में अक्षय तृतीया पर वर्ष में एक बार होने वाले चरण दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आराध्य के विशेष श्रृंगार और चरण दर्शन के दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्तों ने दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
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बांके बिहारी चरण दर्शन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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वृंदावन में अक्षय तृतीया पर्व सोमवार को ठाकुर बांकेबिहारी महाराज ने भक्तों को चरण दर्शन दिए। वर्ष में एक बार होने वाले चरण दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से ही उमड़ पड़े। सेवायत गोस्वामियों ने आराध्य को पीले रंग की पोशाक धरण कराई और मलयागिरि चंदन के लड्डू उनके चरणों में सेवित कर उन्हें शीतलता दी। वहीं सत्तू और श्रऋु फल का भोग आराध्य को सेवित किया।अक्षय तृतीया का पर्व वैसे तो देशभर में श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। भक्तजन सुबह यमुना स्नान कर नगर की पंचकासीय परिक्रमा करने के साथ ही आराध्य की चंदन सेवा एवं दर्शन करने के साथ ही दान पुण्य कर रहे हैं।
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बांके बिहारी चरण दर्शन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भव्य श्रृंगार और दान-पुण्य का महत्व
अक्षय तृतीया के पर्व को विशेष बनाने के लिए ठाकुरजी का स्वर्ण आभूषणों, चांदी की पायल और पीत वस्त्रों से भव्य श्रृंगार किया गया। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक यमुना स्नान किया, नगर की पंचकोसी परिक्रमा की और दान-पुण्य कर अपने पुण्य को अक्षय करने का प्रयास किया। चरण दर्शन की लालसा लिए भक्तों के चेहरों पर एक अद्भुत संतोष देखा गया, जिन्होंने अपने आराध्य के चरणों की एक झलक पाकर स्वयं को धन्य महसूस किया।
अक्षय तृतीया के पर्व को विशेष बनाने के लिए ठाकुरजी का स्वर्ण आभूषणों, चांदी की पायल और पीत वस्त्रों से भव्य श्रृंगार किया गया। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक यमुना स्नान किया, नगर की पंचकोसी परिक्रमा की और दान-पुण्य कर अपने पुण्य को अक्षय करने का प्रयास किया। चरण दर्शन की लालसा लिए भक्तों के चेहरों पर एक अद्भुत संतोष देखा गया, जिन्होंने अपने आराध्य के चरणों की एक झलक पाकर स्वयं को धन्य महसूस किया।
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बांके बिहारी मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह से ही जुटी भीड़
अलौकिक दर्शन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर परिसर में उमड़ पड़े थे। मंदिर के पट खुलते ही जयकारों के बीच भक्तों ने अपने आराध्य के चरणों की एक झलक पाने के लिए आतुरता दिखाई।
अलौकिक दर्शन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर परिसर में उमड़ पड़े थे। मंदिर के पट खुलते ही जयकारों के बीच भक्तों ने अपने आराध्य के चरणों की एक झलक पाने के लिए आतुरता दिखाई।
पुलिस रही मुस्तैद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुरक्षा व्यवस्था के रहे कड़े इंतजाम
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, पुलिस बल द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर मार्ग पर पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। भक्तों की अपार श्रद्धा और उत्साह ने मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया था। चरण दर्शन के दौरान पूरा मंदिर परिसर ठाकुरजी की जय के नारों से गूंज उठा।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, पुलिस बल द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर मार्ग पर पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। भक्तों की अपार श्रद्धा और उत्साह ने मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया था। चरण दर्शन के दौरान पूरा मंदिर परिसर ठाकुरजी की जय के नारों से गूंज उठा।
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बांके बिहारी चरण दर्शन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अक्षय तृतीया का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए किसी भी कार्य का फल अक्षय (कभी नष्ट न होने वाला) होता है। इसी मान्यता के चलते श्रद्धालु इस दिन सोना, चांदी, वस्त्र, अन्न आदि दान करते हैं, जिससे उन्हें वर्ष भर सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वृंदावन में बांकेबिहारी के चरण दर्शन का यह अवसर भक्तों के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव लेकर आया।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए किसी भी कार्य का फल अक्षय (कभी नष्ट न होने वाला) होता है। इसी मान्यता के चलते श्रद्धालु इस दिन सोना, चांदी, वस्त्र, अन्न आदि दान करते हैं, जिससे उन्हें वर्ष भर सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वृंदावन में बांकेबिहारी के चरण दर्शन का यह अवसर भक्तों के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव लेकर आया।

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