संभलिए! कहीं फिर देर न हो जाए: श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के लिए उमड़े भक्त, कोविड नियमों की उड़ीं धज्जियां
मंदिर के अंदर 50 लोगों की अनुमति पर 200 से लेकर 250 लोगों की मौजूदगी दर्शन दौरान निरंतर बन रही है। मंदिर के बाहर हालत और भी ज्यादा खराब हैं। स्थिति इस कदर गंभीर है कि इस भीड़ में मौजूद एक कोविड पॉजिटिव व्यक्ति अनगिनत लोगों को बीमार कर सकता है। इस भीड़ को नियंत्रित करने में चंद पुलिसकर्मी नतमस्तक नजर आते हैं। यहां पुलिस वीआईपी को दर्शन तक सीमित हो गई है।
होटल प्रबंधक एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपी सिंह का कहना है कि कोविड के नए केस आने शुरू हो गए हैं। ऐसे में वृंदावन के सभी मंदिर प्रबंधकों को चाहिए कि वे कोविड के नियमों का पालन सख्ती के साथ कराएं। श्रीकृष्ण साधक ट्रस्ट वृंदावन के प्रबंधक आनंद शर्मा का कहना है कि जिला प्रशासन को चाहिए कि कड़े नियमों के तहत बाहर से आने वाले लोगों को दर्शन की अनुमति मिले।
समाजसेवी दान विहारी खंडेलवाल, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा मथुरा के जिलाध्यक्ष चंद्रनारायण शर्मा चीनू, श्रीब्रजवासी तीर्थ पुरोहित पंडा महासभा के अध्यक्ष श्याम सुंदर गौतम का कहना है कि जिला प्रशासन को चाहिए कि स्थानीय व्यापार धंधों को ध्यान रखते हुए कोविड के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाए जाएं। श्रद्धालु रुक जाएंगे तो यहां का रोजगार पूरी तरह से ठप हो जाएगा। दोनों ही स्थितियों में तालमेल के तहत कदम उठाए जाए।
यह सही है कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर के आसपास भीड़ का दबाव बन रहा है। इससे निपटने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। लोगों को जागरूक करने की भी कोशिश हो रही है। जल्द ही कुछ आवश्यक कदम इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उठाए जाएंगे। - जवाहर श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट, मथुरा।
