आगरा से मथुरा तक यमुना नदी (कालिंदी) के कूल प्रवासी पक्षियों के नए डेरे बन रहे हैं। बॉयोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसायटी (बीआरडीएस) के सदस्यों ने गत वर्ष वृंदावन, मथुरा के केसी घाट से आगरा के दशहरा घाट तक करीब 100 किलोमीटर की लंबाई में प्रवासी पक्षियों को रिकॉर्ड किया है। इसमें प्रवासी पक्षियों की 41 प्रजातियों व आवासीय की 90 प्रजातियों को चिह्नित किया गया है। बीआरडीएस के अध्यक्ष व पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि कीठम, जोधपुर झाल, भरतपुर पक्षियों के परंपरागत ठिकाने माने जाते हैं। वहीं, यमुना किनारे की जैव विविधता भी पक्षियों को आकर्षित कर रही है। यमुना नदी के गहरे पानी, कम गहरे पानी के दलदली क्षेत्र, नदी किनारे खादर व टीले और नदी किनारे के बाहरी हिस्से के हेविटाट में प्रवासी व आवासीय पक्षियों की प्रजातियों में बेडर और शोरबर्ड श्रेणी के पक्षियों की संख्या हजारों में है।
प्रवासी पक्षियों का प्रवास: कालिंदी के कूल पर प्रवासी परिंदों के नए डेरे, देखिए खूबसूरत तस्वीरें
बेडर, शोरबर्ड और डक श्रेणी के पक्षियों के अलावा रोजी स्टर्लिंग, ब्लूथ्रोट, बया बीवर, स्केली ब्रेस्टेड मुनिया , ऐशी प्रीनिया, प्लेन प्रीनिया, यलो थ्रोट स्पैरो, ग्रेटर कूकल, क्वैल, रेड विंटेड बुलबुल, रेड मुनिया, ग्रे फ्रेंकलिन, स्टेरिटिड बैबलर, ग्रे होर्नबिल, कॉपर स्मिथ बारबेट, ब्राउन हेडेड बारबेट, ब्लैक फ्रेंकलिन, लार्ज ग्रे बैबलर, कॉमन मूरहैन, व्हाइट ब्रेस्टेड वाटर हैन, रेड वेटल्ड लेपविंग आदि पक्षी दिखाई देते हैं। अक्तूबर से मार्च तक इन पक्षियों को देखा जा सकता है।
मथुरा से आगरा के बीच यमुना नदी के केसी घाट, देवराह बाबा घाट, पानीगांव पुल, गोकुल बैराज, कोयला-अलीपुर, नगला जौहरी फरह और आगरा में बधाया पुल, कीठम झील के पीछे, नगला अकोस, रुनकता, सिकंदरा कैलाश , दयालबाग पोइया, आंबेडकर पुल यमुना किनारा, महताब बाग, दशहरा घाट व ताज नेचर वाक के पीछे का भाग मुख्य स्थल हैं, यहां आसानी से प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है।
ये प्रवासी पक्षी पहचाने गए
प्रजातियों में मुख्य रूप से रूडी शेल्डक, कॉमन शेल्डक, रोजी पेलिकन, डालमेशन पेलिकन, ग्रेटर फ्लेमिंगो, नोर्दन शोवलर, नोर्दन पिनटेल, बार हेडेड गूज, कॉमन टील, गारगेनी, गेडवाल, ब्लैकविंग स्टिल्ट, कॉमन पोचार्ड, इंडियन थिकनी, रफ, रिवर लेपविंग, पाइड एवोसेट, ब्राउन हेडेड गल, ब्लैक हेडेड गल, ओरिएंटल डार्टर, स्पॉट विल्ड डक, लेशर विशलिंग डक, पेंटेड स्टार्क, ओरिएंटल डार्टर, ग्रेटर कोर्मोरेन्ट, टफ्टिड डक, ग्रीन शेंक, बुड सेंडपाइपर, कॉमन सेंडपाइपर, रिवर टर्न, विश्कर्ड टर्न, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, लिटिल स्टिंट, टैमिनिक स्टिंट, रेड शेन्क, ग्रीन शेन्क , सिट्रिन वेगटेल, व्हाइट ब्राउडेड वेगटेल, व्हाइट वेगटेल, यलो वेगटेल, रेड क्रिस्टिड पोचार्ड आदि प्रजातियों के पक्षियों की पहचान की गई हैं।
बीआरडीएस सोसाइटी से जुड़े डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शोधार्थी आगरा जिले में यमुना नदी के पांच स्थलों से पानी की गुणवत्ता व जैव विविधता का अध्ययन कर रहे हैं। प्रदूषण का पक्षियों पर प्रभाव पता करेंगे।
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