प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना से भी जिले में 52 गांव की हकीकत नहीं बदली। गांवों की कहानी वही पुरानी है, न साफ-सफाई है न पीने के लिए पानी है। सड़क, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास भी नहीं हो सका है। यह हाल तब है जब इन गांवों में एकीकृत विकास कार्यों की निगरानी केंद्र सरकार कर रही है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 2018-19 में 10 गांव, 2019-20 में 28 गांव और 2020-21 में 14 गांव कुल 52 गांव एकीकृत विकास के लिए चयनित किए। इन गांव में 20 लाख रुपये से ढांचागत सुविधाओं का विकास होना था। ये सभी ऐसे गांव हैं जहां की आबादी में 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित वर्ग के लोग हैं। मुख्य विकास अधिकारी के अनुसार 16 गांवों के लिए विलेज डेवलपमेंट प्लान बन चुका है।
आगरा: प्रधानमंत्री आदर्श गांव की कहानी, सफाई न पीने के लिए पानी, देखिए तस्वीरें
पार्वती पुरा : तीन साल में नालियां तक नहीं बनीं
बाह का पार्वतीपुरा का योजना में तीन साल पहले चयन हुआ था। गांव की आबादी करीब दो हजार की है। गांव की मुख्य समस्या यहां जलनिकासी का इंतजाम नहीं होना है। ग्रामीण विजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के पोखर में कचर भरा पड़ा है। अब यहां से गंदा पानी रास्तों में बहता है। नालियां कच्ची हैं। पंचायत घर अधूरा पड़ा था। काम शुरू हो गया है लेकिन पूरा कब होगा पता नहीं। गंदगी सबसे बड़ी समस्या है। प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि गांव में काम शुरू नहीं हुए हैं। नालियां कच्ची है। मोक्षधाम बदहाल है। आवास योजना के तहत पात्र लोग हैं लेकिन उनको लाभ नहीं मिला है।
कोई काम नहीं शुरू हुआ
आदर्श योजना से गांव में कोई काम नहीं शुरू हुआ है। 150 घर ऐसे हैं जहां शौचालय नहीं हैं। चार साल से विद्यालय की दीवार टूटी पड़ी है। लोगों के राशन कार्ड नहीं बने हैं। -माया देवी, प्रधान सकतरा
प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना में चयनित फतेहपुर ब्लॉक के सिंगारपुर गांव में तीन हजार से अधिक की आबादी है। यहां खारे पानी की समस्या है। पेयजल का संकट है। नालियां नहीं बनी हैं। सफाई भी नहीं होती। सड़क भी आधी-अधूरी है। ग्रामीण मुंशी लाल ने बताया कि कच्ची नालियों से गंदा पानी रास्ते में बहता रहता है। सफाई नहीं होती।
प्रधान प्रियंका सिसौदिया ने बताया कि योजना से 30 सोलर लाइट स्वीकृत हुई थीं। अभी 16 लाइट ही लग सकी हैं। सड़क, नाली व अन्य कार्य अधूरे हैं। पेयजल के लिए गांव में तीन टंकियां हैं लेकिन ये बंद पड़ी हैं।
ग्राम निधि से काम कराए जा रहे हैं। नाली, सड़क बनना शुरू हो गया है। आदर्श ग्राम योजना से कुछ काम अभी बाकी हैं। परिक्रमा मार्ग में पक्की नालियां बनाई जाएंगी। -भोजराज, प्रधान नवलपुर
ये सुविधाएं होनी हैं विकसित
52 गांव में पेयजल व स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण मार्ग एवं आवास, बिजली, डिजिटलीकरण, रोजगार व कौशल विकास के कार्य होने हैं। एकीकृत रूप से गांव को विकसित किया जाना है।
सीडीओ के अनुसार, जिन 16 गांवों के लिए विलेज डेवलपमेंट प्लान बना है, उनके लिए 50 फीसदी धनराशि ही जारी हो सकी है। 16 गांव के लिए 3.09 करोड़ रुपये का बजट मिलना था। डीएम के अनुमोदन पर 50 फीसदी करीब 1.54 करोड़ रुपये जारी हुए। यूपी सिडको को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
टेंडर प्रक्रिया चल रही
गांवों में विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। समाज कल्याण विभाग को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस वित्त वर्ष में सभी कार्य पूर्ण हो जाएंगे। -ए मनिकन्डन, मुख्य विकास अधिकारी
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