आजमगढ़ के पूर्व बसपा सांसद उमाकांत यादव गुरूवार को नैनी सेंट्रल जेल भेज दिए गए। वहां की कोर्ट ने उन्हें हत्या के मामले में जेल भेजा है। उन्हें नैनी सेंट्रल जेल के सर्किल संख्या दो के भंडारा वाली बैरक नंबर दो में रखा गया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि उन्हें कोर्ट के आदेश पर भेजा गया है।
पूर्व सांसद उमाकांत यादव का नया ठिकाना नैनी सेंट्रल जेल का बैरक नंबर दो
बता दें कि विशेष कोर्ट (एमपीएमएलए) ने मछली शहर के पूर्व सांसद उमाकांत यादव को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया है। जीआरपी पुलिस के सिपाही की हत्या मामले में सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वांरट जारी किया था। पूर्व सांसद द्वारा दी गई अंतरिम जमानत की अर्जी को कोर्ट ने पोषणीय न पाते हुए खारिज कर दिया। अभियुक्त का बयान कोर्ट ने दर्ज किया है।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ बालमुकुंद ने विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह गोपाल को सुनकर दिया है। घटना चार फरवरी 1995 की जिला जौनपुर के शाहगंज रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी पुलिस चौकी की है।
वादी प्रभारी पुलिस चौकी रघुनाथ सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि पूर्व सांसद ने रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति को जीआरपी पुलिस से छुड़ाने को लेकर विवाद किया था। बाद में सहअभियुक्तों के साथ फायरिंग कर तोड़फोड की गई थी। फायरिंग में सिपाही अजय सिंह की गोली लगने से मौत हो गई और कई अन्य सिपाहियों को चोटें आई थीं।
उमाकांत की ओर से गैरजमानती वारंट निरस्त किए जाने के लिए अर्जी प्रस्तुत की गई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दी। फिर बचाव पक्ष की ओर से अंतरिम जमानत पर रिहा किए की याचना करते हुए अर्जी दी गई। अभियोजन की ओर से अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि अर्जी पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने अंतरिम जमानत की अर्जी भी खारिज कर दी और न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।