गंगा-यमुना ने रविवार को रौद्र रूप धारण कर लिया। खतरे का निशान पार करने के बाद गंगा की बाढ़ ने पूरे कछार को अपनी चपेट में ले लिया। देर रात तक पांच हजार से अधिक घरों में पानी भरने से बड़ी संख्या में लोग मुसीबत से घिर गए। बाढ़ग्रस्त इलाकों को खाली कराने के लिए प्रशासन की ओर से मुनादी कराई जाने लगी। बाढ़ में फंसे लोगों को नावों से बाहर निकालने की मशक्कत शुरू हो गई। बिस्तर, बर्तन के साथ लोगों को लगतार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कई बाढ़ राहत शिविरों में जगह नहीं रह गई है। यही हाल रहा तो सोमवार तक बाढ़ का पानी कई और तटवर्ती कॉलोनियों में प्रवेश कर सकता है।
प्रयागराज : पांच हजार से अधिक घरों में मुसीबतों का पानी, इलाके को खाली करने के लिए कराई मुनादी
- पत्रकारपुरम कॉलोनी, राजापुर और गंगानगर में चलने लगी नावें, गंगा-यमुना के रौद्र रूप से सहमे लोग
- छतों पर फंसे लोगों के सामने अब आटा, दाल और सब्जियों का खड़ा हो सकता है संकट, गलियां हुईं लबालब
गंगा के खतरे का निशान पार करने के बाद बाढ़ को लेकर स्थिति चिंताजनक हो गई है। पूरा कछार बाढ़ से डूबने के बाद देर शाम पानी पत्रकार कालोनी में घुस गया। पत्रकार कालोनी की गलियों में नाव चलने लगी। राजापुर की भी कलोनियां पानी से भर गईं। दारागंज सब्जी मंडी की ओर पानी बढ़ गया है। देर रात निराला चौराहे के पास गंगा बहने लगी। बघाड़ा, चांदपुर, सलोरी और बेली कछार की गलियों में नावों की मदद से बाढ़ से घिरे लोगों को निकाला जा रहा है। दारागंज में बख्शी बांध से लगे बख्शी खुर्द में सड़क के दूसरे किनारे बने पक्के मकानों भी लगभग 10 से 15 फीट तक पानी भर गया।
रविवार की रात गंगापुर, राजापुर के दो हजार से अधिक मकानों में पानी भर गया। इस क्षेत्रों में सैकड़ों परिवारों ने छतों पर शरण ले ली है, जबकि बाढ़ में फंसे तमाम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। तेलियरगंज में श्मशान घाट और स्नान घाट डूबने के बाद अब महादेवी वर्मा के मकान के पास गंगा बहने लगी है। श्मशान घाट डूबने से सड़कों पर अंतिम संस्कार कराए जाने से लोग बीमारी फैलने की आशंका से परेशान हैं। नेवादा की सुनीता शर्मा ने बताया कि वहां बाढ़ में फंसे सैकड़ों परिवारों के सामने रोजमर्रा के सामानों को लेकर संकट खड़ा होने की नौबत आ गई है।
रविवार को कुछ लोगों ने नावों से सब्जी, आटा, दाल और खाने, पीने का अन्य सामान प्रभावित परिवारों को पहुंचाया, लेकिन गलियों में पानी बढ़ने की वजह से मुसीबतों का अंबार लगता जा रहा है। नेवादा के ही अवधश नारायण ने गली में पानी आने के बाद घर छोड़कर रिश्तेदार के यहां शरण ले ली। कहा जा रहा है कि समय रहते पानी से घिरे लोगों को निकाला नहीं गया तो मुसीबत बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता। द्रोपदी घाट निवासी अजय मौर्य ने परिवार के साथ बिंदु माधव मंदिर के पास शरण ले ली।
यमुना के तटीय करेलाबाग, गौसनगर, सदियापुर,गऊघाट, यमुना बैंक रोड, करेली, गड्ढा कॉलोनी, जेके नगर मोहल्लों में पानी पांच फीट तक आ गया है।
रात आठ बजे का जलस्तर
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-खतरे का निशान: 84. 73 मीटर
-चेतावनी बिंदु: 83.73 मीटर
गंगा
फाफामऊ- 84. 77 मीटर
छतनाग- 84.03 मीटर
यमुना
नैनी- 84.63 मीटर
-बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर: 0532-2641577, 264157
-बाढ़ नियंत्रण प्रभारी उपजिलाधिकारी सदर- 9454417814