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शव के साथ डेढ़ साल: सूख गई लाश, अकड़ गईं हड्डियां, मां-बाप बोले-जिंदा है हमारा बेटा...रोज गंगाजल से पोछते हैं
Sat, 24 Sep 2022 09:07 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 24 Sep 2022 09:07 AM IST
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income tax officer dead body
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के कृष्णापुरी रोशन नगर में एक परिवार डेढ़ साल से आयकर अधिकारी की लाश के साथ रह रहा था। मामले की जानकारी तब हुई जब शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। हालांकि परिजनों ने शुक्रवार शाम शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। जिसके चलते पुलिस ने कागजी कार्रवाई के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया। परिजनों ने देर शाम पुलिस की मौजूदगी में भैरव घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया। जानकारी के अनुसार, आर्डनेंस फैक्टरी से रिटायर्ड कर्मचारी राम औतार रोशन नगर में परिवार के साथ रहते हैं। तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा विमलेश (35) अहमदाबाद में इनकम टैक्स में असिस्टेंट अकाउंटेंट ऑफिसर (एएओ) के पद पर था। विमलेश की पत्नी मिताली किदवईनगर स्थित सहकारिता बैंक में कार्यरत हैं।
मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पिता राम औतार ने पुलिस को बताया कि 18 अप्रैल 2021 को विमलेश कोरोना संक्रमित हो गए थे। परिजनों ने उन्हें बिरहाना रोड स्थित मोती हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जहां उपचार के दौरान 22 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई थी।
income tax officer dead body
- फोटो : अमर उजाला
अस्पताल प्रबंधन ने कोविड नियमों की अनदेखी करते हुए मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ विमलेश के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। घर आने के बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे तभी मां राम दुलारी ने विमलेश के दिल की धड़कन आने की बात कहकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
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इसी तख्त पर था विमलेश का शव
- फोटो : अमर उजाला
तभी से माता-पिता उसके शव को घर के एक कमरे में रखकर देखभाल कर रहे थे। घर पर विमलेश की पत्नी मिताली के अलावा विमलेश के भाइयों सुनील, दिनेश के परिवार भी रह रहे हैं।
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मृतक की मां और बाप
- फोटो : अमर उजाला
माता-पिता बोले-जिंदा है हमारा बेटा
डेढ़ साल से हमारा बेटा इसी हालत में है। हमने उसके शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया है। शरीर में कहीं पानी निकलता था तो गंगाजल से साफ कर देते थे। शुरुआत में कुछ महीने बदबू आई, पर कुछ महीने बाद बदबू आनी बंद हो गई थी। हमारा बेटा जिंदा है...। यह बात विमलेश के पिता राम औतार और मां रामदुलारी ने कही, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची थी।
डेढ़ साल से हमारा बेटा इसी हालत में है। हमने उसके शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया है। शरीर में कहीं पानी निकलता था तो गंगाजल से साफ कर देते थे। शुरुआत में कुछ महीने बदबू आई, पर कुछ महीने बाद बदबू आनी बंद हो गई थी। हमारा बेटा जिंदा है...। यह बात विमलेश के पिता राम औतार और मां रामदुलारी ने कही, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची थी।