मेरठ के रोहटा क्षेत्र में अनुसूचित जाति की छात्रा के अपहरण और हत्या के मामले को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। इस बीच पीड़ित परिवार ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान कैराना सांसद इकरा हसन भी मौजूद रहीं। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने तस्वीरें अपने सामाजिक माध्यम पर साझा करते हुए प्रदेश सरकार और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
मेरठ छात्रा हत्याकांड: लखनऊ में अखिलेश से मिला पीड़ित परिवार, इकरा हसन रहीं साथ, सोशल मीडिया पर भाजपा को घेरा
मेरठ छात्रा हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। सांसद इकरा हसन भी मौजूद रहीं। अखिलेश यादव ने सामाजिक माध्यम पर सरकार और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
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अखिलेश ने सरकार और पुलिस पर उठाए सवाल
जब वो ख़ुद ही बेलगाम है जिसके हाथ में लगाम है
अखिलेश यादव ने सामाजिक माध्यम पर साझा किए गए संदेश में कहा कि छात्रा हत्याकांड में नामजद आरोपियों पर अपेक्षाकृत हल्की धाराएं लगाई गईं, जबकि आंदोलन में शामिल लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय की उम्मीद रखने वाली जनता के साथ इस तरह का व्यवहार चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने में विफल रही है।
तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान है!
‘मेरठ की बेटी’ के साथ हुए महा-अत्याचार व हत्या के बाद जिस तरह नामज़द आरोपियों पर कमज़ोर धाराओं में मुक़दमा दर्ज़ किया गया है और आंदोलनकारियों पर गंभीर धाराओं में मुक़दमा लगाया गया है, वो… pic.twitter.com/Q5yJafYKvv
सिवाया टोल प्लाजा पर धरने के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मेरठ में जातीय तनाव पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए प्रशासन को सात दिन का समय दिया। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो लखनऊ में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस मामले को संसद के आगामी मानसून सत्र में भी उठाएंगे।
धरना समाप्त होने के बाद आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की दोबारा जांच, आवश्यकता पड़ने पर गंभीर धाराएं जोड़ने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, शस्त्र अनुज्ञापत्र और आर्थिक सहायता देने की मांग की।
सिवाया टोल पर धरना-प्रदर्शन के बाद आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का छह सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार शाम डीएम-एसएसपी से मिला। उन्होंने कहा कि छात्रा के परिवार को खतरा है। उनके परिवार की सुरक्षा की जाए और पुर्नवास कराया जाए।
प्रतिनिधिमंडल की मांग के बाद छात्रा के घर पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई न हो, जबकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।