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यूपी: पोषण पुनर्वास केंद्र के खिलौने हो गए ‘कुपोषित’, कैसे खेलें बच्चे

अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 13 Dec 2018 10:48 AM IST
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Nutrition Rehabilitation Centers Toys for kids effected by Malnutrition in meerut
मेरठ न्यूज

यूपी के मेरठ में जिला अस्पताल का पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के खिलौने ही ‘कुपोषित’ हो रहे हैं। एक तो खिलौने ही कम हैं, जो हैं वह भी कबाड़ बन चुके हैं। मगर इस ओर अस्पताल प्रबंधन का कोई ध्यान नहीं है। गेंद की हवा निकली हुई तो झूला फट गया है, जो गाड़ी है वह खेलने लायक नहीं है। हालात यह हैं कि नए खिलौने लाने की बजाय इसमें अब ताला पड़ा रहता है। परिजन केंद्र के बाहर ही बच्चों को खिलाते नजर आते हैं।

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जिला अस्पताल में केंद्र की शुरुआत अप्रैल 2016 में हुई थी। यहां तब से अब तक जन्म से पांच साल तक के481 बच्चों को भर्ती कराया जा चुका है। जिला अस्पताल के पुनर्वास पोषण केंद्र में भर्ती बच्चों के मानसिक तथा बौद्धिक विकास के लिए प्ले रूम बनाया है, ताकि कुपोषित बच्चे खिलौने आदि से खेल सकें। सरकार की मंशा थी कि ऐसे में बच्चों का खेल-खेल में बौद्धिक विकास भी हो सकेगा। 



 
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अधिकारियों की उदासीनता के कारण अब यह हाल हो गया है। यहां बच्चों के परिजनों का मोह भी कम हो गया है। पिछले दो माह में करीब आधा दर्जन बच्चे ही यहां आए हैं, जबकि यहां उपचार सहित पोषण आहार की व्यवस्था भी है। इसके बावजूद एनआरसी खाली पड़ा है।

 

Nutrition Rehabilitation Centers Toys for kids effected by Malnutrition in meerut
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हालांकि दावा यह किया जाता है कि यहां बच्चों के लिए नियमानुसार सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन न तो इनका प्रचार-प्रसार किया जाता है और न ही कुपोषित बच्चों को यहां लाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। 
पोषण पुनर्वास केंद्र
बेड- 10, डॉक्टर, डायटिशियन, कुक और स्वीपर- एक-एक, नर्स-चार।


 
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ये हैं नियम-
बच्चे को निशुल्क भर्ती किया जाता है।
बच्चे को दी जाने वाली दवाएं निशुल्क हैं।
भर्ती के दौरान बच्चे की मां को 50 रुपये प्रतिदिन दैनिक भत्ता दिया जाता है।
बच्चे को साथ लाने वाली आशा-आंगनबाड़ी को 100 रुपये प्रतिपूर्ति दी जाती है।
बच्चे को फॉलोअप के लिए तीन बार दिखाना चाहिए।
फॉलोअप के लिए लाने वाली मां को दैनिक भत्ता 100 रुपये दिया जाता है।
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