उत्तराखंड के चमोली में जल प्रलय में फंसे मेरठ के चारों युवक सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हें दो दिन से खाने को कुछ नहीं मिला है। कसेरूखेड़ा निवासी ठेकेदार सौरभ ने बताया कि युवक रोहित का फोन आया था।
तीन दोस्तों के साथ चमोली में फंसे मेरठ के युवक ने फोन पर सुनाई आपबीती, कहा-जान तो बच गई लेकिन...
सौरभ प्रजापति ने चमोली और अन्य स्थानों पर अलग-अलग मोबाइल कंपनी के टावर लगवाने का ठेका ले रखा है। खटकाना पुल निवासी रोहित, बालक राम, प्रदीप और अतुल चमोली में थे। चार युवक अमरोहा और दो युवक नजीबाबाद के हैं।
सौरभ ने बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को खाने की व्यवस्था करने के लिए भेजा है। उसके द्वारा स्थानीय थाने में खाना पहुंचा जाएगा। सभी दस लोगों को रेणू गांव से तपोवन लाया जा सकता है।
भयंकर आवाज से बिगड़ी अतुल की तबीयत
रोहित ने फोन पर बताया कि जल प्रलय के बाद पूरे इलाके की बुरी स्थिति है। लगभग सभी संपर्क मार्ग टूट चुके हैं। भयंकर आवाजों से कसेरूखेड़ा निवासी अतुल काफी डर गया है। जिसके चलते उसकी तबियत खराब हो गई।
एडीएम से मिले
मंगलवार को ठेकेदार सौरभ प्रजापति व युवकों के परिजन एडीएम फाइनेंस सुभाष प्रजापति से मिले। जहां उन्होंने युवकों को खाद्य सामग्री उपलब्ध किए जाने व जल्द वापस लाने की मांग रखी। इस दौरान अतुल प्रजापति, अरविंद सोनकर, मनोज प्रजापति मौजूद रहे। एडीएम ने आश्वासन दिया है कि मदद की जाएगी।
जल प्रलय में लापता लोगों के लिए खुला नियंत्रण कक्ष
चमोली में आई जल प्रलय में लापता हुए लोगों के परिजनों के लिए जिलास्तरीय नियंत्रण कक्ष की शुरुआत की गई है। जिलाधिकारी के. बालाजी ने बताया कि राज्य स्तर पर भी 24 घंटे के लिए राज्य स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर शुरू किया गया है।
जिले में भी 0121-2664134 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। नियंत्रण कक्ष का प्रभारी एडीएम वित्त सुभाष चंद्र प्रजापति को बनाया गया है।
