फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: जिस हाथी पर लगा था व्यापारी की हत्या का आरोप वो नहीं रहा, डेढ़ वर्ष तक लोहे की बेड़ियों से जकड़ा रहा था

Sat, 07 May 2022 09:58 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/ चंदौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/ चंदौली Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 07 May 2022 09:58 AM IST
विज्ञापन
elephant mitthu died in dudhwa national park who was accused of murder he tied with chain for one and half year
रामनगर स्थित वन्य जीव विभाग में हाथी मिट्ठू - फोटो : फाइल

लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क में अंतिम सांस लेने वाला हाथी मिट्ठू काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर में डेढ़ वर्ष तक लोहे की बेड़ियों से बंधा हुआ था। कड़ी धूप, ठंड और भारी बरसात में भी इतने दिनों तक एक ही जगह पर खड़े उस बेजुबान की पीड़ा समझने वाला कोई न था। वन विभाग के अपने दावे थे, वहीं हाथी का मालिक कोर्ट का चक्कर लगा-लगाकर थक चुका था।



अमर उजाला में 07 जून 2021 को प्रकाशित खबर के बाद वाराणसी पुलिस कमिश्नर ने पहल की और मिट्ठू को 14 जून 2021 को दुधवा भेजा गया था। चंदौली के बबुरी  में 26 अक्तूबर 2019 को मेला लगा था। इसी मेले में जौनपुर के प्रेमशंकर तिवारी अपने हाथी मिट्ठू के साथ आए हुए थे।

लौटते समय किसी बात को लेकर गुस्साए मिट्ठू ने कस्बा निवासी रमाशंकर सिंह नामक व्यक्ति की पटक कर हत्या कर दी थी। इसके बाद वन विभाग ने हाथी को कब्जे में लेकर वन्य विभाग रामनगर में लोहे की बेड़ियों से बांध दिया था।

elephant mitthu died in dudhwa national park who was accused of murder he tied with chain for one and half year
रामनगर स्थित वन्य जीव विभाग में हाथी मिट्ठू (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

व्यापारी की हत्या के आरोप में हाथी मिट्ठू और महावत पर मुकदमा भी चला। महावत बरी हो गया पर हाथी को रखने के जरूरी कागजात न होने से उसका मालिक उसे रिहा नहीं करा सका। जौनपुर निवासी मालिक प्रेमशंकर तिवारी ने हाईकोर्ट में अपील भी की। मगर, लॉकडाउन की वजह से मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। 

elephant mitthu died in dudhwa national park who was accused of murder he tied with chain for one and half year
रामनगर स्थित वन्य जीव विभाग में हाथी मिट्ठू (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

हाथी मिट्ठू को जून 2020 में वन विभाग की ओर से एक बार दुधवा नेशनल पार्क भेजे जाने का प्रयास किया गया। मगर उस दिन हाथी मतवाला हो गया और उसने गुस्से में विभाग की चारदीवारी तोड़ दी। चार महीने बाद भी हाथी का मतवालापन खत्म नहीं हुआ तो दुधवा नेशनल पार्क ने उसे ले जाने से इंकार कर दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
elephant mitthu died in dudhwa national park who was accused of murder he tied with chain for one and half year
रामनगर स्थित वन्य जीव विभाग में हाथी मिट्ठू (फाइल)

आशंका थी कि हाथी मिट्ठू दुधवा नेशनल पार्क में उत्पात मचा सकता है। फिर वन विभाग ने मथुरा स्थित एक रेस्क्यू सेंटर में संपर्क किया। वह हाथी को ले जाने को तैयार था पर वन विभाग की प्रार्थना को सीजीएम कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। हाथी के मालिक ने हाईकोर्ट में भी अपील की पर सुनवाई नहीं हुई। 

विज्ञापन
elephant mitthu died in dudhwa national park who was accused of murder he tied with chain for one and half year
रामनगर स्थित वन्य जीव विभाग में हाथी मिट्ठू (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

अमर उजाला ने 07 जून 2021 के अंक में ‘जंजीर में जकड़ा बेजुबान, कोई नहीं दे रहा ध्यान’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद पशु प्रेमी वाराणसी पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने पहल की और दुधवा नेशनल पार्क के अधीक्षक से बात की। फिर पशु चिकित्सक दयाशंकर के नेतृत्व में चार प्रशिक्षित महावत सानू, इरशाद, माहताब और रईस के साथ एलीफेंट केयर सेंटर के पशु चिकित्सक राहुल भटनागर की टीम 14 जून 2021 को मिट्ठू को दुधवा ले गई।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed