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बीएचयू में सद्गुरु जग्गी वासुदेव, छात्रों संग सवाल-जवाब और अलय-अलय पर डांस, तस्वीरों में देखें
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:10 PM IST
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छात्रों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को किया शांत
- फोटो : अमर उजाला
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ईशा फाउंडेशन संस्थान के संस्थापक आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव सोमवार को बीएचयू पहुंचे। कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी सभागार में सामाजिक बहिष्करण एवं समावेशी नीति अध्ययन केन्द्र की ओर से 'यूथ एंड ट्रूथ' कार्यक्रम में छात्रों के साथ संवाद किया। छात्रों के डिमांड पर उनके साथ कार्यक्रम के बाद अलय अलय पर डांस किया। इस दौरान पूरे छात्र जोश में आ गए। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें....
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव
- फोटो : अमर उजाला
सद्गुरु जग्गी वासुदेवकाशी को टावर ऑफ लाइफ बताया है। बीएचयू में छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए सद्गुरु ने कहा कि यह महज एक शहर नहीं बल्कि एक यंत्र है, जिसका उपयोग यहां के रहने वाले नागरिकों को वह चीज प्राप्त करने के लिए करना है जिसे वे अपनी पूरी जिंदगी न प्राप्त कर पाएं। कहा कि हम भगवान को पाने के लिए पूजा नहीं करते, बल्कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए पूजा करते हैं। शरीर के अंगों के रूप में मशीन का अविष्कार हुआ है। कान सुनने के लिए इसलिए मोबाइल और टेलीफोन का अविष्कार हुआ है। आंख देखने के लिए हैं तो टेलीस्कोप, दूरबीन आदि के अविष्कार हुए हैं।
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव
- फोटो : अमर उजाला
सद्गुरु ने कहा कि मनुष्य को भगवान कहना गलत है। टाइम इज मनी नहीं है टाइम इज लाइफ है। पुराने संत महात्माओं के समय तकनीक जैसी चीज नहीं थी। इसलिए जनता के बीच प्रभाव नहीं पड़ रहा था। यही कारण है कि महात्मा बुद्ध ने जब देखा कि उनकी बातों का प्रभाव जनता पर नहीं पड़ रहा है तो उन्होंने राजाओं को पकड़ा। उनके माध्यम से जनता पर प्रभाव पड़ा तब उन्हें सफलता मिली।
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- फोटो : अमर उजाला
फाउंडेशन के सदस्यों ने सबसे पहले योग की अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया। व्यायाम, दंड के साथ योग, लाठी के साथ योग का प्रदर्शन कर छात्रों का दिल जीत लिया। इसके बाद मटके में गुलाब की पंखुडि़यों को रखकर योग की विधाओं के माध्यम से फोड़कर छात्रों की तालियां बटोरी। इसके बाद फाउंडेशन के सदस्यों ने चुगले हंसा रे मोती, कहां से आया कहां जाओगे खबर करो अपने तन की आदि गीतों ने छात्रों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम हाल भर जाने के बाद बाहर भी संस्थान के एलसीडी पर छात्र कार्यक्रम देख रहे थे।
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- फोटो : amar ujala
सद्गुरू ने छात्रों के डिमांड पर उनके साथ कार्यक्रम के बाद अलय अलय पर डांस किया। इस दौरान पूरे छात्र जोश में आ गए। कई छात्र उनके पास जाने लगे तो प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने सुरक्षा घेरा बनाकर सद्गुरू को भीड़ से बाहर निकाला। सदगुरु ने बीएचयू के छात्रों को संदेश दिया कि खुद का निर्माण करो और आगे बढ़ो। अपना निर्माण करोगे तो समाज का निर्माण होगा। समाज का निर्माण होगा तो देश का निर्माण होगा। देश का निर्माण होगा तो विश्व का निर्माण होगा। इसलिए खुद का निर्माण करो।