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UP: इतना विशाल अजगर! लंबाई-वजन देख रेस्क्यू टीम की भी खुली की खुली रही गईं आंखें; मंदिर में मिला सैंड बोआ
Fri, 24 Jul 2026 11:46 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:46 AM IST
सार
आगरा के मिढ़ाकुर गांव के खेत से 12 फीट लंबे अजगर और किरावली के मंदिर परिसर से कॉमन सैंड बोआ (दोमुंहा) सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दोनों सांपों को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
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विशाल अजगर
- फोटो : वाइल्डलाइफ एसओएस
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विस्तार
वाइल्डलाइफ एसओएस और वन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मिढ़ाकुर गांव से 12 फीट लंबे अजगर और किरावली स्थित मंदिर परिसर से एक कॉमन सैंड बोआ (दोमुंहा) सांप का रेस्क्यू किया। दोनों सांपों का परीक्षण करने के बाद उन्हें जंगल में छोड़ दिया गया है।
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फसल के बीच दिखा किसानों को अजगर
टीम के मुताबिक बिचपुरी ब्लाॅक के मिढ़ाकुर गांव ज्वार (चरी) की फसल के बीच एक अजगर किसानों ने दिखा। सूचना पर पहुंची वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, किरावली वन क्षेत्र के एक मंदिर में सैंड बोआ दिखाई दिया। उसे भी पकड़ा गया। संस्था के संरक्षण परियोजनाओं के निदेशक बैजूराज एमवी. ने बताया कि भारतीय अजगर आईयूसीएन रेड लिस्ट में संकटग्रस्त श्रेणी में शामिल है और इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत सर्वोच्च सुरक्षा प्राप्त है। वहीं, सैंड बोआ अंधविश्वासों और अवैध व्यापार के कारण भारत में सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले सांपों में से एक है।
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टीम के मुताबिक बिचपुरी ब्लाॅक के मिढ़ाकुर गांव ज्वार (चरी) की फसल के बीच एक अजगर किसानों ने दिखा। सूचना पर पहुंची वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, किरावली वन क्षेत्र के एक मंदिर में सैंड बोआ दिखाई दिया। उसे भी पकड़ा गया। संस्था के संरक्षण परियोजनाओं के निदेशक बैजूराज एमवी. ने बताया कि भारतीय अजगर आईयूसीएन रेड लिस्ट में संकटग्रस्त श्रेणी में शामिल है और इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत सर्वोच्च सुरक्षा प्राप्त है। वहीं, सैंड बोआ अंधविश्वासों और अवैध व्यापार के कारण भारत में सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले सांपों में से एक है।
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सांप दिखने पर हेल्पलाइन पर दें सूचना
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण और गीता शेषमणि ने कहा कि खेतों और बस्तियों में वन्यजीवों की मौजूदगी अब आम होती जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि सांप या वन्यजीव दिखने पर खुद उन्हें पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का जोखिम न उठाएं। तुरंत संस्था की आपातकालीन हेल्पलाइन 9917109666 पर संपर्क करें।
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वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण और गीता शेषमणि ने कहा कि खेतों और बस्तियों में वन्यजीवों की मौजूदगी अब आम होती जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि सांप या वन्यजीव दिखने पर खुद उन्हें पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का जोखिम न उठाएं। तुरंत संस्था की आपातकालीन हेल्पलाइन 9917109666 पर संपर्क करें।
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