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UP: 50 हजार का इनाम, 12 साल बाद गिरफ्तारी, सात दिन में रिहाई; कोलकाता डकैती कांड के आरोपी को बड़ी राहत
Fri, 24 Jul 2026 11:38 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:38 AM IST
सार
कोलकाता में ज्वेलरी लूट के आरोपी और 12 साल पहले पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए 50 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। आरोपी ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे सात दिन की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया तथा जेल में बिताई अवधि के आधार पर रिहा कर दिया गया।
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युवक सांकेतिक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के थाना एत्मादपुर क्षेत्र से 12 साल पहले पुलिस अभिरक्षा से फरार कोलकाता में हीरे और सोने के जेवरात लूटने के आरोपी को पुलिस ने 15 दिन पहले गिरफ्तार किया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जेल जाने के बाद कोर्ट में सुनवाई हुई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-4 प्रगति सिंह ने सात दिन जेल में बिताई सजा के साथ एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जेल में बिताई अवधि के आधार पर उसे रिहाई मिल गई।
वर्ष 2014 में कोलकाता, पश्चिम बंगाल में डकैती की घटना हुई थी। एक ज्वेलरी शोरूम बदमाश सोने और हीरे के जेवरात लूटकर ले गए थे। घटना के खुलासे के लिए स्पेशल टीम बनाई गई थी। कुछ दिन बाद एक आरोपी सुनील को पकड़ा गया था। वो बिहार के गोपालगंज स्थित गांव निचुआ जलालपुर का रहने वाला था। आरोपी को पुलिस टीम दिल्ली से गिरफ्तार कर जेवरात सहित कोलकाता ले जा रही थी। पुलिस टीम एत्मादपुर क्षेत्र में हाईवे किनारे स्थित एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुकी थी।
सुनील कुमार पुलिस की गाड़ी में ही बैठा था। जब पुलिसकर्मी खाना खा रहे थे, उसी दौरान आरोपी मौका देखकर पुलिस की गाड़ी लेकर फरार हो गया था। एत्मादपुर पुलिस ने पीछा किया था। आरोपी टूंडला क्षेत्र में गाड़ी छोड़कर भाग गया था। माल बरामद हो गया। सुनील कुमार प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वर्ष 2018 में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया था। पुलिस ने सुनील को दिल्ली के निगम बौद्ध घाट पार्किंग थाना कश्मीरी गेट से पकड़ लिया गया था। आठ जुलाई को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया था।
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अदालत में अपना जुर्म किया स्वीकार
आरोपी सुनील सिंह ने मुकदमा लड़ने के बजाय दूसरा रास्ता चुना और अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 18 जुलाई को अदालत में एक प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर जुर्म स्वीकार करने की स्वीकृति दी। अदालत ने आरोपी को सात दिन के साधारण कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जेल में बिताई गई अवधि को इस सजा में समायोजित किया जाए। पुलिस को सुनील ने पूछताछ में बताया था कि उसने अपना नाम बदलकर विक्की रख लिया था। वह कैब चलाने लगा था। मोहन गार्डन, सैनिक बिहार, फेज 3, थाना नरोला नई दिल्ली में रह रहा था।
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वर्ष 2014 में कोलकाता, पश्चिम बंगाल में डकैती की घटना हुई थी। एक ज्वेलरी शोरूम बदमाश सोने और हीरे के जेवरात लूटकर ले गए थे। घटना के खुलासे के लिए स्पेशल टीम बनाई गई थी। कुछ दिन बाद एक आरोपी सुनील को पकड़ा गया था। वो बिहार के गोपालगंज स्थित गांव निचुआ जलालपुर का रहने वाला था। आरोपी को पुलिस टीम दिल्ली से गिरफ्तार कर जेवरात सहित कोलकाता ले जा रही थी। पुलिस टीम एत्मादपुर क्षेत्र में हाईवे किनारे स्थित एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुकी थी।
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सुनील कुमार पुलिस की गाड़ी में ही बैठा था। जब पुलिसकर्मी खाना खा रहे थे, उसी दौरान आरोपी मौका देखकर पुलिस की गाड़ी लेकर फरार हो गया था। एत्मादपुर पुलिस ने पीछा किया था। आरोपी टूंडला क्षेत्र में गाड़ी छोड़कर भाग गया था। माल बरामद हो गया। सुनील कुमार प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वर्ष 2018 में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया था। पुलिस ने सुनील को दिल्ली के निगम बौद्ध घाट पार्किंग थाना कश्मीरी गेट से पकड़ लिया गया था। आठ जुलाई को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया था।
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अदालत में अपना जुर्म किया स्वीकार
आरोपी सुनील सिंह ने मुकदमा लड़ने के बजाय दूसरा रास्ता चुना और अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 18 जुलाई को अदालत में एक प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर जुर्म स्वीकार करने की स्वीकृति दी। अदालत ने आरोपी को सात दिन के साधारण कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जेल में बिताई गई अवधि को इस सजा में समायोजित किया जाए। पुलिस को सुनील ने पूछताछ में बताया था कि उसने अपना नाम बदलकर विक्की रख लिया था। वह कैब चलाने लगा था। मोहन गार्डन, सैनिक बिहार, फेज 3, थाना नरोला नई दिल्ली में रह रहा था।