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UP: आगरा के फतेहपुर सीकरी में बिगड़ती सेहत, गिरता भूजल स्तर; पचगई पट्टी जैसे हालात

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 28 Mar 2026 12:11 PM IST
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सार

आगरा के फतेहपुर सीकरी और आसपास के क्षेत्रों में भूजल का खारापन और फ्लोराइड प्रदूषण लोगों की सेहत और रोजगार पर गंभीर असर डाल रहा है। जलस्तर गिरने और बांधों की खराब स्थिति के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे प्रशासन से ठोस योजना बनाने की मांग उठ रही है।
 

Fluoride-Contaminated Water and Falling Groundwater Levels Threaten Fatehpur Sikri
श्रमिक नेता तुलाराम शर्मा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

आगरा के फतेहपुर सीकरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल प्रदूषण और गिरता जलस्तर चिंताजनक है। खारेपन और फ्लोराइड से दूषित यह पानी जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है। उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए पर्यावरण और सिंचाई विभागों से योजना बनाने की अपील की है।
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श्रमिक नेता तुलाराम शर्मा ने बताया कि पचगई पट्टी में खराब पानी की वजह से शारीरिक विकलांगता की समस्या थी। अब सीकरी में भी श्रमिकों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। उन्हें रोजगार में कठिनाई आ रही है। केंद्र सरकार के प्रयासों के बावजूद जलस्तर और गुणवत्ता में गिरावट जारी है। क्षेत्र वायु प्रदूषण से भी जूझ रहा है, जिसमें पार्टिकुलेट मैटर की अधिकता जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बनी है।
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श्रमिक नेता ने कहा कि उन्होंने कई विभागों को पत्र लिखकर चिंता जताई है। स्थानीय प्रशासन जल संचयन के लिए प्रेरित करता है, लेकिन तेरहमोरी बांध के गेटों की मरम्मत नहीं हो रही है। इससे मानसून का पानी रुक नहीं पाता, भूजल रिचार्ज नहीं होता। नदी बहने पर किरावली के गांवों में हैंडपंप सुचारू थे और कुओं में गुणवत्ता वाला पानी मिलता था। बांध के गेटों की मरम्मत हो तो भूजल स्तर और पानी की गुणवत्ता में सुधार आए।

श्रमिकों के रोजगार पर भी संकट
श्रमिक नेता का कहना है कि सीकरी में वायु प्रदूषण भी जन स्वास्थ्य समस्याओं का कारण है। मानसून को छोड़कर अन्य महीनों में राजस्थान से आने वाली हवाओं में पार्टिकुलेट मैटर की अधिकता खतरा है। पत्थर खदानों और चक्की के पाट बनाने का काम बंद होने से श्रमिकों को भरतपुर या आगरा जाकर काम ढूंढना पड़ता है। उन्होंने श्रम विभाग से श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने और फतेहपुर सीकरी को पचगई पट्टी बनने से रोकने का आग्रह किया है।
 
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