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पाताल में पहुंचा पानी: गंगाजल और अमृत सरोवरों के बाद भी गिरा भूजल स्तर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी न आए काम
Sun, 19 Jul 2026 02:09 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:09 PM IST
सार
यूपी के आगरा जिले में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। गंगाजल, अमृत सरोवर और स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के बाद भी आंकड़ों में नतीजे शून्य हैं। प्री-मानसून की जांच में भूगर्भ जलस्तर दो मीटर तक गिरा है।
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तेजी से किया जा रहा भूजल का दोहन
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
आगरा में शहर से लेकर देहात तक भूगर्भ जल का दोहन तेजी से किया जा रहा है। यह तब है, जब शहरी क्षेत्र में हर घर को गंगाजल योजना के साथ जोड़ा जा रहा है। ताजगंज में 17500 और शाहगंज क्षेत्र में 27 हजार से ज्यादा घरों में गंगाजल पहुंचाने का दावा किया गया है, वहीं गांव में अमृत सरोवरों के साथ तालाबों और 2700 से ज्यादा स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की गई है। फिर भी प्री-मानसून की जांच में भूगर्भ जलस्तर दो मीटर तक गिरा है। बारिश का पानी सहेजने के दावों के उलट भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट चौंकाने वाली है।
भूगर्भ जल विभाग ने मानसून से पहले जून में भूगर्भ जलस्तर की जांच की। इसमें बीते साल के मुकाबले भूजलस्तर में गिरावट आई है। शहर में कुछ जगहों पर जलस्तर बढ़ा है, लेकिन यह ज्यादातर उन जगहों पर है, जहां भूगर्भ जल विभाग ने अपने रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाए हैं। कमला नगर, फतेहाबाद रोड, ग्वालियर रोड और बिचपुरी रोड की ओर भूगर्भ जल स्तर दो मीटर तक नीचे पहुंचा है।
यहां पानी का दोहन ज्यादा है, वहीं पुराने शहर में नुनिहाई, आगरा कॉलेज, आरबीएस कॉलेज में जलस्तर बढ़ा है। भूगर्भ जल विभाग के सीनियर जियोफिजिसिस्ट शशांक सिंह ने बताया कि प्री-मानसून के आंकड़े आ चुके हैं। इनका अध्ययन किया जा रहा है। देहात में कई ब्लॉक में भूजलस्तर बढ़ा है, जबकि शहर में कई जगह कमी आई है।
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हर व्यावसायिक इमारत में है अनिवार्य
आगरा विकास प्राधिकरण की ओर से हर व्यावसायिक इमारत का नक्शा पास करते समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग की शर्त रखी जाती है। हालांकि शहर में ज्यादातर इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग केवल औपचारिकता के लिए मौजूद है। इससे पानी पाताल तक नहीं पहुंचता, बल्कि पहली ही साल यह पूरा सिस्टम चोक होकर बंद हो जाता है। सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष शिरोमणि सिंह ने कहा कि दो साल पहले शहर के प्राथमिक विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन एक में भी यह कारगर साबित नहीं हुआ। जिन स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगा हुआ बताया गया, वहां इसके लिए छत से नीचे तक पानी उतारने के लिए पाइप ही नहीं लगे हैं और न ही गड्ढे खोदे गए हैं।
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भूगर्भ जल विभाग ने मानसून से पहले जून में भूगर्भ जलस्तर की जांच की। इसमें बीते साल के मुकाबले भूजलस्तर में गिरावट आई है। शहर में कुछ जगहों पर जलस्तर बढ़ा है, लेकिन यह ज्यादातर उन जगहों पर है, जहां भूगर्भ जल विभाग ने अपने रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाए हैं। कमला नगर, फतेहाबाद रोड, ग्वालियर रोड और बिचपुरी रोड की ओर भूगर्भ जल स्तर दो मीटर तक नीचे पहुंचा है।
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यहां पानी का दोहन ज्यादा है, वहीं पुराने शहर में नुनिहाई, आगरा कॉलेज, आरबीएस कॉलेज में जलस्तर बढ़ा है। भूगर्भ जल विभाग के सीनियर जियोफिजिसिस्ट शशांक सिंह ने बताया कि प्री-मानसून के आंकड़े आ चुके हैं। इनका अध्ययन किया जा रहा है। देहात में कई ब्लॉक में भूजलस्तर बढ़ा है, जबकि शहर में कई जगह कमी आई है।
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हर व्यावसायिक इमारत में है अनिवार्य
आगरा विकास प्राधिकरण की ओर से हर व्यावसायिक इमारत का नक्शा पास करते समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग की शर्त रखी जाती है। हालांकि शहर में ज्यादातर इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग केवल औपचारिकता के लिए मौजूद है। इससे पानी पाताल तक नहीं पहुंचता, बल्कि पहली ही साल यह पूरा सिस्टम चोक होकर बंद हो जाता है। सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष शिरोमणि सिंह ने कहा कि दो साल पहले शहर के प्राथमिक विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन एक में भी यह कारगर साबित नहीं हुआ। जिन स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगा हुआ बताया गया, वहां इसके लिए छत से नीचे तक पानी उतारने के लिए पाइप ही नहीं लगे हैं और न ही गड्ढे खोदे गए हैं।
प्री-मानसून में शहर में यहां गिरा भूजल स्तर
जगह 2025 2026
आगरा कॉलेज 17.37 19.35
आंबेडकर विवि 29.94 30.55
बेसिक साइंस खंदारी 29.55 31.05
प्राथमिक विद्यालय ककरैठा 24.93 25.4
पीडब्ल्यूडी काॅलोनी 22 23.2
देहात में इन जगहों पर गिरा भूजल
जगह 2025 2026
बाह 34.81 34.92
सीकरी 12.75 13.10
पिनाहट 35.48 35.53
सैयां 34.06 34.32
बिचपुरी 28.04 28.05
जगह 2025 2026
आगरा कॉलेज 17.37 19.35
आंबेडकर विवि 29.94 30.55
बेसिक साइंस खंदारी 29.55 31.05
प्राथमिक विद्यालय ककरैठा 24.93 25.4
पीडब्ल्यूडी काॅलोनी 22 23.2
देहात में इन जगहों पर गिरा भूजल
जगह 2025 2026
बाह 34.81 34.92
सीकरी 12.75 13.10
पिनाहट 35.48 35.53
सैयां 34.06 34.32
बिचपुरी 28.04 28.05