{"_id":"6a59b55c4b0df4c3d102946e","slug":"scorching-heat-and-humidity-trigger-health-issues-patient-numbers-rise-in-agra-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Health News: उमस भरी गर्मी से हो रही बेचैनी, अधूरी नींद बढ़ा रही चिड़चिड़ापन; बचने के लिये करें ये आसान उपाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Health News: उमस भरी गर्मी से हो रही बेचैनी, अधूरी नींद बढ़ा रही चिड़चिड़ापन; बचने के लिये करें ये आसान उपाय
Fri, 17 Jul 2026 10:23 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 17 Jul 2026 10:23 AM IST
सार
आगरा में भीषण गर्मी और उमस के कारण लोगों की नींद प्रभावित हो रही है, जिससे सिरदर्द, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
विज्ञापन
ओपीडी में मरीजों को देखते हुए चिकित्सक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप लोगों को बेचैन कर रही है। उमस ऐसी कि रात में भी लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं। इससे सिर में दर्द, थकान, कमजोरी हो रही है। पसीना अधिक होने पर डिहाइड्रेशन हो रहा है। इससे बीपी भी गड़बड़ा रहा है। ऐसे मरीजों की संख्या एसएन मेडिकल कॉलेज में तेजी से बढ़ी है।
मेडिसिन विभाग के डॉ. अजीत चाहर ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 700 मरीज आ रहे हैं। रात में आर्द्रता अधिक होने से कूलर में भी लोगों को बेचैनी हो रही है। उल्टी के साथ बीपी भी गड़बड़ाया हुआ मिल रहा है। हालत खराब होने पर इमरजेंसी में भी मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। भूख कम लगने के साथ मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायतें आ रही हैं। मरीजों को दवा देने के साथ बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि शरीर और मस्तिष्क के लिए 6-8 घंटे की स्वस्थ नींद बेहद जरूरी है। उमस और गर्मी से नींद प्रभावित होने से सिर दर्द, ऊर्जा की कमी, थकावट की स्थिति बनती है। इसके कारण मरीजों में चिड़चिड़ेपन, तेज बोलने, उग्र होने के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे मौसम में मानसिक विकार के मरीजों की समस्या भी बढ़ जाती है। दवा देने के साथ उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है।
विज्ञापन
ये उपाय करें
शाम को गुनगुने पानी से नहाएं।
शाम छह बजे के बाद चाय-कॉफी से बचें।
बिस्तर पर लेटकर टीबी-मोबाइल न देखें।
जब नींद आए तभी बिस्तर पर सोने जाएं।
कमरे में हवा निकासी और ठंडक का बेहतर साधन हो।
रात में 8 बजे से पहले भोजन करें, गरिष्ठ भोजन से बचें।
तला, अधिक मसालेदार भोजन और बाहर के खाने से बचें।
भोजन में सलाद, कद्दू, लौकी का उपयोग करें, पानी खूब पीएं।
विज्ञापन
मेडिसिन विभाग के डॉ. अजीत चाहर ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 700 मरीज आ रहे हैं। रात में आर्द्रता अधिक होने से कूलर में भी लोगों को बेचैनी हो रही है। उल्टी के साथ बीपी भी गड़बड़ाया हुआ मिल रहा है। हालत खराब होने पर इमरजेंसी में भी मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। भूख कम लगने के साथ मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायतें आ रही हैं। मरीजों को दवा देने के साथ बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि शरीर और मस्तिष्क के लिए 6-8 घंटे की स्वस्थ नींद बेहद जरूरी है। उमस और गर्मी से नींद प्रभावित होने से सिर दर्द, ऊर्जा की कमी, थकावट की स्थिति बनती है। इसके कारण मरीजों में चिड़चिड़ेपन, तेज बोलने, उग्र होने के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे मौसम में मानसिक विकार के मरीजों की समस्या भी बढ़ जाती है। दवा देने के साथ उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है।
विज्ञापन
ये उपाय करें
शाम को गुनगुने पानी से नहाएं।
शाम छह बजे के बाद चाय-कॉफी से बचें।
बिस्तर पर लेटकर टीबी-मोबाइल न देखें।
जब नींद आए तभी बिस्तर पर सोने जाएं।
कमरे में हवा निकासी और ठंडक का बेहतर साधन हो।
रात में 8 बजे से पहले भोजन करें, गरिष्ठ भोजन से बचें।
तला, अधिक मसालेदार भोजन और बाहर के खाने से बचें।
भोजन में सलाद, कद्दू, लौकी का उपयोग करें, पानी खूब पीएं।