सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Bitumen shortage poses problems in road construction

Aligarh News: विकास की पोटली खुली, पर है बिटुमिन की किल्लत, अब चुनाव से पहले कैसे पूरे होंगे 2309 कार्य

आशीष निगम, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sun, 14 Jun 2026 02:06 PM IST
विज्ञापन
सार

सामान्य दिनों में प्रतिदिन आठ किलोमीटर तक सड़क निर्माण होता था, लेकिन तीन किलोमीटर सड़क बन पा रही है। यानी 50 फीसदी से भी अधिक बिटुमिन की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में चुनाव से पहले 2309 सड़क और पुलिया परियोजनाओं को समय पर पूरा करना पीडब्ल्यूडी के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं।

Bitumen shortage poses problems in road construction
रामघाट रोड ताला नगरी में सड़क से बढ़े गड्ढे - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

अलीगढ़ में माननीयों ने सड़कों का खाका तैयार कर लिया है। गांव-गांव सड़कें और पुलिया बनाने के प्रस्ताव लखनऊ पहुंच गए हैं। दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर बिटुमिन की तलाश में हैं। विभाग के पास पहले से 1109 निर्माणाधीन कार्य हैं और अब 1200 नए प्रस्ताव भी कतार में खड़े हैं। ईरान युद्ध के बाद पैदा हुए वैश्विक संकट ने सड़क निर्माण की रफ्तार आधी से भी कम कर दी है। ऐसे में चुनावी साल में विकास की यह दौड़ विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।



जानकारी के मुताबिक, अलीगढ़ मंडल के कासगंज, एटा, हाथरस और अलीगढ़ जिले के 17 विधायक, एमएलसी और सांसदों ने पिछले कुछ समय में 250 प्रस्ताव दिए हैं। इसके साथ ही 1400 करोड़ रुपये के बजट वाले कुल 1200 प्रस्ताव अनुमति के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेजे गए हैं। ये सभी प्रस्ताव अपने-अपने क्षेत्र में सड़कों और पुलिया के निर्माण व मरम्मत से संबंधित हैं, जिनके लिए बिटुमिन की जरूरत है। इसे ऐसे समझें कि सामान्य दिनों में प्रतिदिन आठ किलोमीटर तक सड़क निर्माण होता था, लेकिन तीन किलोमीटर सड़क बन पा रही है। यानी 50 फीसदी से भी अधिक बिटुमिन की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में चुनाव से पहले 2309 सड़क और पुलिया परियोजनाओं को समय पर पूरा करना पीडब्ल्यूडी के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक अधिकारी ने यहां तक कहा कि इस समय 1350 करोड़ रुपये के बजट वाले 1109 विकास कार्यों पर काम चल रहा है। अब 1200 और प्रस्ताव को अनुमति मिलती है तो एक साथ 2309 योजनाओं को अगले साल मार्च तक पूरा करना पड़ेगा। गौर हो कि उत्तर प्रदेश में साल भर बाद 19वीं विधानसभा चुनाव होंगे। पहली तिमाही में या उसके बाद आचार संहिता लागू होगी। ऐसे में नेताओं ने न सिर्फ लोगों से मिलना जुलना शुरू कर दिया है बल्कि अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा विकास कार्य भी पूरे कराने में जुटे हैं। इनमें सड़कों की मरम्मत, चौड़ीकरण और नवीनीकरण के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिया निर्माण पर सबसे ज्यादा फोकस है।

विज्ञापन

अलीगढ़ के साथ कासगंज, एटा और हाथरस जिले के माननीयों में से 250 प्रस्ताव विधायक और विधान परिषद सदस्यों ने तैयार किए हैं, बाकी सांसदों की ओर से प्रस्ताव भेजे हैं। विभाग के पास पहले से 1109 और अब इन्हें मिलाकर 2750 करोड़ के 2309 काम हो जाएंगे, जिन्हें बिटुमिन की कमी के चलते तय समय पर पूरा कर पाना संभव नहीं है।

बिटुमिन महंगा, सड़कें और महंगी
निर्माण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार ए-ग्रेड बिटुमिन की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जो बिटुमिन कुछ माह पहले करीब 60 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा था, वह अब 90 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। एक किलोमीटर सड़क निर्माण में करीब 150 टन बिटुमिन की जरूरत पड़ती है। इससे परियोजनाओं की लागत और समय-सीमा दोनों प्रभावित हो रही हैं।

चुनावी साल की सबसे बड़ी परीक्षा
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिटुमिन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यदि आपूर्ति में सुधार होता है तो निर्माण कार्यों की गति बढ़ाई जा सकती है। हालांकि चुनावी वर्ष में हजारों करोड़ रुपये की सड़क और पुलिया परियोजनाओं को समय पर पूरा करना विभाग के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगा।

बिटुमिन की आपूर्ति लड़खड़ा गई है। ए-ग्रेड बिटुमिन की काफी किल्लत है। हर संभव प्रयास कर इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के नए 1200 प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजे गए हैं। वर्ष 2025-26 के शेष 1109 कार्य भी जारी हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। - प्रभात कुमार चौधरी, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed