सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   BJYM faces embarrassment in gang war

भाजयुमो गैंगवार में फजीहत: अवैध धंधों पर साधी चुप्पी, फायरिंग कांड को निपटाने में जुटे बड़े नेता

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 23 Mar 2026 04:09 PM IST
विज्ञापन
सार

अंदरखाने की खबर है कि इस मामले में जिला स्तर से भेजी गई रिपोर्ट प्रदेश स्तर पर पहुंच गई है। वहीं अब डैमेज कंट्रोल की कवायद के लिए प्रदेश स्तर से भाजयुमो के कोई प्रदेश पदाधिकारी आ सकते हैं। वे यहां आकर जानकारी जुटाकर आगे क्या कदम उठाएंगे।

BJYM faces embarrassment in gang war
सराय हकीम में गोली कांड - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार

भाजयुमो के दो गुटों में गैंगवार के दौरान 12 मार्च को फायरिंग कांड से हुई फजीहत के बाद वरिष्ठ भाजपाइयों को इसके डैमेज कंट्रोल में लगाया गया है। इसी का परिणाम है कि संघ की बैठक और जेल मुलाकात की खबरों के बीच अंदरखाने दोनों खेमों में समन्वय बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मगर हैरान करने वाली बात है कि अभी तक किसी वरिष्ठजन या दोनों खेमों के संरक्षणकर्ताओं द्वारा अवैध धंधों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर कोई बात नहीं रखी गई। ऐसे में समन्वय के बाद परिणाम क्या होंगे? कुछ नहीं कहा जा सकता।

Trending Videos


सराय हकीम में हुए घटनाक्रम के बाद भाजयुमो के दो गुटों की गैंगवार सार्वजनिक हो गई। पुलिस स्तर से जब गहराई से जांच शुरू की गई तो सामने आया कि भाजपा में अध्यक्ष पद पाने व खुद का वर्चस्व स्थापित करने से ज्यादा इस लड़ाई की जड़ अवैध धंधों का संरक्षण है। जिसमें गैंगवार से जुड़े भाजयुमो संगठन के कुछ पदाधिकारियों के नाम आईपीएल सट्टा, गांजा व हथियार तस्करी से लेकर वेश्यावृत्ति तक जुड़ते देखे गए। इसी अवैध कारोबार में वर्चस्व के लिए इस झगड़े की मूल जड़ उजागर हुई। अभी इसमें पुलिस जांच में ये उजागर होता कि असल में कौन-कौन इसके पीछे है, उससे पहले फायरिंग के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जिसमें ताबड़तोड़ फायरिंग का घटनाक्रम कैद हुआ। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मुद्दा प्रदेश स्तर पर तूल पकड़ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


विपक्ष के आरोपों के चलते हुई फजीहत पर प्रदेश संगठन हरकत में आया। इसके बाद जिला स्तर पर अंदरखाने डैमेज कंट्रोल के प्रयास शुरू हो गए हैं। जिसमें सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है। दोनों पक्षों से जेल में बातचीत की खबरें हैं। प्रयास बस ये है कि दोनों खेमों में समन्वय बनाया जाए। ताकि अदालत में आगे चलकर दोनों को मदद मिले। साथ में भविष्य में रार आगे न बढ़े। मगर असल में अवैध धंधों में कौन कौन लिप्त थे और दोनों खेमों में दूसरे समुदाय के अपराधियों को किन वजहाें से शामिल किया गया। इस पर कोई बात होती नहीं दिख रही।

जल्द आ सकते हैं भाजयुमो के प्रदेश पदाधिकारी
अंदरखाने की खबर है कि इस मामले में जिला स्तर से भेजी गई रिपोर्ट प्रदेश स्तर पर पहुंच गई है। वहीं अब डैमेज कंट्रोल की कवायद के लिए प्रदेश स्तर से भाजयुमो के कोई प्रदेश पदाधिकारी आ सकते हैं। वे यहां आकर जानकारी जुटाकर आगे क्या कदम उठाएंगे। ये तो नहीं कहा जा सकता। मगर सब कुछ डैमेज कंट्रोल के लिए हो रहा है।

पुलिस ने अवैध धंधों पर शुरू की पूछताछ
इधर, इस मामले में पुलिस स्तर से सभी अवैध धंधों पर लगातार होमवर्क किया जा रहा है। इसी क्रम में अब तक जेल गए आरोपियों के माेबाइल नंबरों, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जो चेहरे उजागर हुए हैं। उन सभी से जुड़े लोगों से अवैध धंधों पर पूछताछ शुरू कर दी है। इसमें यह जानने का प्रयास हो रहा है कि कौन कितना जिम्मेदार था। किस किस की भूमिका किस धंधे में थी। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक बताते हैं कि हमारी टीमें अपना काम कर रही हैं। अवैध धंधों पर चोट पहुंचाई जाएगी। जिसकी जितनी भूमिका होगी, उसी अनुसार कार्रवाई होगी। सबसे पहले इन्हें हथियार मुहैया कराने वालों तक पहुंचा जाएगा। फरारों की तलाश के प्रयास भी जारी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed