UP Budget 2026: अब वैश्विक स्तर पर भी चमकेगी इगलास की चमचम, बजट में मिला उद्योग लगाने को धन, बढ़ेगा कारोबार
इगलास की चमचम काफी मशहूर है। अलीगढ़ या आसपास के जिलों से मथुरा-वृंदावन दर्शन करने जाने वाले या कस्बा इगलास से होकर गुजरने वाले लोग खरीदना नहीं भूलते हैं।
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प्रदेश सरकार ने एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना में इगलास की मशहूर चमचम को ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान दिलाने का काम किया है। बजट में चमचम की गुणवत्ता में सुधार व उद्योग स्थापित करने के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने की घोषणा की गई है। इससे स्थानीय कारोबारी उत्साहित हैं। इगलास की चमचम काफी मशहूर है। अलीगढ़ या आसपास के जिलों से मथुरा-वृंदावन दर्शन करने जाने वाले या कस्बा इगलास से होकर गुजरने वाले लोग खरीदना नहीं भूलते हैं।
प्रशासन की ओर से एक जनपद एक व्यंजन योजना में इगलास की प्रसिद्ध चमचम का प्रस्ताव भेजा गया था। इससे उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी
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ऐसे बनती है चमचम
दूध से निर्मित होने वाली चमचम के बारे में रघ्घा सेठ के बेटे दिनेश सिंघल बताते है कि चमचम बनाने के लिए दूध को फाड़कर पहले छेना तैयार किया जाता है। इस छेने में सूजी व इलाइची का मिश्रण मिलाकर मथा जाता है। फिर इसके गोले तैयार किए जाते हैं और इन गोलों को सीधे चीनी की चासनी में सेंका जाता है। वे बताते हैं कि चमचम में घी या रिफाइंड का प्रयोग नहीं किया जाता है। यह मिठाई आठ दिन तक खराब भी नहीं होती है।
रघ्घा सेठ ने बनाई थी चमचम
चमचम नाम की इस मिठाई का निर्माण सबसे पहले कस्बा इगलास के प्रसिद्ध हलवाई स्व. लाला रघुवरदयाल उर्फ रघ्घा सेठ ने वर्ष 1944 में किया था। उस समय चमचम दो पैसे में एक मिलती थी। आज इसका भाव 220 रुपये किलो है। एक किलो में करीब 20 पीस आते हैं। इगलास में चमचम की 60 से भी अधिक दुकानें हैं। पहले चमचम मिट्टी के बर्तनों में पैक कर दी जाती थी। अब गत्ते के डिब्बों में पैकिंग की जाती है।
नवजोत सिंह सिद्दू भी लेकर गए थे चमचम
इगलास की चमचम का स्वाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्दू भी एक बार यहां से गुजरने के दौरान चख चुके हैं। इतना ही नहीं वे अपने परिजनों के लिए भी पैक कराकर ले गए थे। नेता से लेकर अभिनेता तक इगलास की चमचम का स्वाद ले चुके हैं। अयोध्या प्रकरण में फायर ब्रांड नेता रहीं साध्वी ऋतंभरा भी बाॅर्डर पर सैन्यकर्मी भाइयों के लिए चमचम लेकर गई थीं। भाबीजी घर पर हैं सीरियल में गुलफाम कली का किरदार निभाने वाली फाल्गुनी राजाणी, सीरियल के लेखक मनोज संतोषी भी चमचम के काफी मुरीद रहे हैं।
