LPG: बुकिंग पोर्टल क्रैश, एएमयू में एक दशक बाद जल सकते हैं चूल्हे, प्राइमरी स्कूलों में 'मिड-डे मील' पर संकट
गैस संकट का असर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भी देखने को मिल रहा है। अलीगढ़ जिले के करीब 2000 परिषदीय विद्यालयों में भी स्थिति चिंताजनक है। मिड-डे मील बनाने के लिए सिलिंडरों की उपलब्धता कम हो गई है। आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर के बड़े कैटरर्स ने अब तक 250 से अधिक बुकिंग रद्द कर दी हैं।
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गैस आपूर्ति बाधित होने से अलीगढ़ में करीब 8.50 लाख घरेलू गैस और 10 हजार से अधिक व्यावसायिक उपभोक्ताओं के सामने संकट खड़ा हो गया है। 11 मार्च को बुकिंग पोर्टल क्रैश हो गया, जिसके चलते बुकिंग नहीं हो पाई। इसे देेखते हुए एएमयू प्रशासन ने सभी हॉल की रसोई में लकड़ी का इंतजाम करने को कहा है। अगर, ऐसा हुआ तो 10 साल बाद ऐसा होगा जब एएमयू में चूल्हे जलेंगे।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर गैस की किल्लत की खबरों के बीच उपभोक्ताओं में अफरा-तफरी का माहौल है। बुधवार को एक साथ हजारों लोगों ने गैस सिलिंडर रिफिल कराने के लिए बुकिंग करने की कोशिश की, इसके कारण इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) और बुकिंग पोर्टल कई बार हैंग हुआ। खैर क्षेत्र के अंडला में स्थित इंडेन बॉटलिंग प्लांट और हाथरस के सलेमपुर स्थित प्लांट से व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बंद कर दी गई।
जिले की 64 गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं के फोन घनघना रहे हैं, लेकिन स्टॉक की कमी के चलते एजेंसियों के संचालक भी बेबस नजर आए। हजारों उपभोक्ता गैस की बुकिंग नहीं कर सके। लोग गैस एजेंसियों पर चक्कर काटते रहे। कई एजेंसियों पर स्टाफ से नोकझोंक होती रही तो कई एजेंसियों पर स्टाक नहीं होने का हवाला दिया गया।
पश्चिम एशिया के हालात ने सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अंडला स्थित इंडेन प्लांट पर व्यावसायिक सिलिंडर की ऊपर से ही आपूर्ति नहीं है। पड़ोसी जिलों के बॉटलिंग प्लांट भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। जिले के गोदामों में 18 हजार घरेलू गैस सिलिंडरों का स्टाक है। बुकिंग की समय सीमा बढ़ाई है। घरेलू सिलिंडरों की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं है। लोगों से अपील है कि वह थोड़ा धैर्य और संयम रखें। स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। - सत्यवीर, जिला पूर्ति अधिकारी
गैस बुकिंग के लिए आईवीआरएस पोर्टल बुधवार को पूरी तरह क्रैश हो गया, बहुत ज्यादा लोड हो रहा है। इसके अलावा अलीगढ़ में इंडेन का खैर में अंडला स्थित बॉटलिंग प्लांट से व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद हो गई। गौतमबुद्ध नगर के कासना स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम का बॉटलिंग प्लांट और हाथरस के सालेमपुर में बीपीटीसी के बॉटलिंग प्लांट से व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई है। इसका प्रभाव कारोबार से लेकर लोगों के घरों की किचन तक पड़ा है।-अंशुल गुप्ता, गैस डिस्ट्रीब्यूर
व्यावसायिक गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते ही कई बुकिंग रद्द की हैं। इससे कारीगर के पास काम खत्म हो गया है। नई बुकिंग ले नहीं रहे हैं, जब चूल्हा जलाने को ईंधन नहीं होगा तो कैसे काम करेंगे। - अभिषेक वार्ष्णेय, कैटर्स
एएमयू के हॉस्टल्स की किचन में लकड़ी का इंतजाम रखने को कहा
गैस संकट का असर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भी देखने को मिल रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 20 हॉस्टल्स में रह रहे 18 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के भोजन में दिक्कत न हो, इसके लिए एहतियातन उपाय शुरू कर दिए हैं। एएमयू प्रशासन ने सभी हॉल की रसोई में लकड़ी का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि गैस खत्म होने की स्थिति में छात्रों को भूखा न रहना पड़े। एएमयू के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. मो. अतहर अंसारी ने कहा कि हालात को देखते हुए कहा गया है कि सभी हॉस्टल एएमयू के लैंड एंड गार्डेन से लकड़ी लें, जहां तक संभव हो लकड़ी का प्रयोग किचन में करें। लैंड एंड गार्डेन से लकड़ी की उपलब्धता नहीं हो तब बाहर से लकड़ी खरीदने के लिए कहा गया है।
प्राइमरी स्कूलों में 'मिड-डे मील' पर संकट
जिले के करीब 2000 परिषदीय विद्यालयों में भी स्थिति चिंताजनक है। मिड-डे मील बनाने के लिए सिलिंडरों की उपलब्धता कम हो गई है। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान स्टॉक से एक-दो दिन का काम तो चल जाएगा, लेकिन यदि आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई, तो समस्या होगी। गैस की कमी से आने वाले दो दिन में जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले दो लाख से अधिक छात्रों के समक्ष दोपहर के भोजन का संकट गहरा सकता है।
250 कैटरिंग बुकिंग रद्द, होटलों में सन्नाटा
व्यावसायिक गैस की किल्लत ने शहर के जायके और व्यापार को भी प्रभावित किया है। आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर के बड़े कैटरर्स ने अब तक 250 से अधिक बुकिंग रद्द कर दी हैं। उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स, डेकोरेशन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गंगा कहते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से होटलों के संचालन पर संकट खड़ा हो गया है। कई छोटे ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। 250 से अधिक छोटी बड़ी कैटरिंग की बुकिंग रद्द की गई हैं। बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता जो सीधे बाजार से कमर्शियल सिलिंडर खरीदते थे, उन्हें अब खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।