Prayagraj : एसआरएन बवाल मामले में अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, छानबीन में जुटी पुलिस
स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है।
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स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद के बाद अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। महिला अधिवक्ता रिया उर्फ रसिका और अनीश खान की तहरीर पर अज्ञात जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ मारपीट, छेड़खानी समेत बीएनएस की कुल आठ धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह केस कोतवाली में दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने भी एक वीडियो के माध्यम से चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस आरोपी जूनियर चिकित्सकों के खिलाफ केस नहीं दर्ज करती है तो अधिवक्ताओं को फिर से विचार करने पड़ेगा कि आगे क्या करना है।
क्या है पूरा मामला
झूंसी थाना क्षेत्र के तुलापुर में रहने वाले पवन शुक्ला की बेटी जागृति इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता है। हाईकोर्ट की महिला क्रिकेट टीम का टूर्नामेंट होने वाला है, मैदान में इसकी प्रैक्टिस के लिए रोज सुबह क्रिकेट टीम आ रही है। जागृति शुक्ला भी इसी टीम में एक सदस्य हैं। बुधवार को भोर में पांच बजे प्रैक्टिस के लिए आते समय वह चौदहो पीर मजार के पास हादसे का शिकार हो गईं। सूचना पाकर उनकी साथी नेहा खान, रिया खान, हया रिजवी, कोच दीपंकर आदि पहुंचे।
नेहा खान और रिया खान का आरोप है कि सुबह करीब 5:30 बजे ट्रामा सेंटर में डॉक्टर सो रहे थे। एक युवा डॉक्टर काले रंग की शर्ट पहने था सबसे पहले उसने अभद्रता शुरू की और इलाज में लेट लतीफी होने लगी। इसी बात पर विवाद हुआ। जब ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया तो सब मिलकर महिला अधिवक्ताओं और दीपांकर के साथ मारपीट करने लगे।
उनके हाथ में कैंची थी और सर्जिकल ब्लेड भी था। इन्हीं सर्जिकल सामानों से हमला होने का आरोप है। किसी की कलाई में चोट लगी, किसी के गर्दन के पास चोट लगी। वीडियो बनाने की कोशिश हुई तो डॉक्टरों ने फोन छीन लिया। फोन करके बुलाने पर अधिवक्ता के साथियों में जो भी आया उन सभी से ट्रॉमा सेंटर में जमकर मारपीट और गाली गलौज का आरोप है।
तीन सदस्यीय टीम करेगी मामले की जांच, 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट
प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने मामले की आंतरिक जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। जिसमें उप प्रधानाचार्य डॉ. मोहित जैन, डॉ. दिलीप चौरसिया व डॉ. संजय सिंह सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने के साथ घटना से जुड़े डॉक्टर व अन्य लोगों का बयान दर्ज करेगी। मामले की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर प्राचार्य को सौंप दी जाएगी। इसके अलावा मारपीट की लिखित शिकायत जूनियर डॉक्टरों की तरफ से की गई है। जिसे पुलिस को देते हुए, कॉलेज प्रशासन ने जांच की मांग उठाई है।
हड़ताल किसी भी रूप में सही नहीं होती है। जूनियर डॉक्टरों से बात करके फिलहाल हड़ताल समाप्त करा दी गई है। वहीं जांच पूरी होने के बाद कॉलेज प्रशासन इस मामले पर कार्यवाही करेगा। - डॉ. वीके पांडेय, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।