Hanumant Katha Prayagraj : बाबा बागेश्वर बोले- हनुमान जी की तरह विरोधियों के खिलाफ बजाना होगा डंका
प्रयाग उत्थान समिति की ओर से आयोजित संगम नगरी के अरैल क्षेत्र में राष्ट्र हनुमंत कथा के तीसरे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सुंदरकांड का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान जी के स्वभाव से स्पष्ट है कि जो राम का द्रोही है, वह उनका भी शत्रु है।
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प्रयाग उत्थान समिति की ओर से आयोजित संगम नगरी के अरैल क्षेत्र में राष्ट्र हनुमंत कथा के तीसरे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सुंदरकांड का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान जी के स्वभाव से स्पष्ट है कि जो राम का द्रोही है, वह उनका भी शत्रु है। उन्होंने आह्वान किया कि जिस तरह हनुमान जी ने लंका में जाकर डंका बजाया था, उसी तरह हमें भी भारत में रहकर हिंदू विरोधियों के खिलाफ डंका बजाना होगा।
उन्होंने कहा कि आज मनुष्य अपने मूल मार्ग से भटक गया है और आए थे हरि भजन को ओटन लगे कपास वाली स्थिति में फंसकर रह गया है। अगर मूल में भूल करोगे तो न जीवन जी पाओगे और न ही मंजिल तक पहुंच पाओगे। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जब हम हिंदू जागृति की बात करते हैं, तो कुछ लोग हमारा विरोध इसलिए करते हैं क्योंकि हमने सोए हुए हिंदुओं को जगा दिया है। वर्तमान में विडंबना यह है कि हिंदू ही हिंदू का विरोध कर रहा है और ऐसे लोगों की मंशा में खोट साफ नजर आता है।
दिव्य दरबार में स्वीकार की गई भक्तों की अर्जियां, हंसराज रघुवंशी के भजन पर थिरके श्रद्धालु
मुख्य कथा से पूर्व शाम चार बजे से 7 बजे तक दिव्य दरबार लगाया गया। इस दरबार में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्य से आए भक्तों की अर्जियां स्वीकार की गईं। इस मौके पर भजन सम्राट हंसराज रघुवंशी ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति दी। उनके शिव भजनों और भक्ति गीतों पर पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु झूमने लगा। समिति के प्रवक्ता राजेश केसरवानी ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ. उदय प्रताप सिंह ने आए हुए विशिष्ट अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया।
रामायण को जीवन में उतारा तो घर में नहीं होगा महाभारत- नीतीश भारद्वाज
प्रयाग उत्थान समिति की ओर से आयोजित तीन दिवसीय हनुमंत कथा के अंतिम दिन धारावाहिक महाभारत में भगवान कृष्ण भूमिका निभाने वाले अभिनेता नीतीश भारद्वाज शामिल हुए। उन्होंने जीवन का सार साझा करते हुए कहा कि यदि व्यक्ति अपने जीवन में रामायण के आदर्शों को उतार लें और मर्यादा पुरुषोत्तम के मार्ग पर चलें, तो उसके जीवन और घर में कभी महाभारत (कलह) नहीं होगा।
कथा के अंतिम दिन परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि महाराज और प्रख्यात कथावाचक महंत श्याम सुंदर पराशर समेत कई विशिष्ट संतों ने शिरकत की। कार्यक्रम के मुख्य यजमान डॉ. उदय प्रताप सिंह ने सपरिवार आरती कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान महापौर गणेश केसरवानी, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, उदय भान करवरिया, नीरज त्रिपाठी, कुमार नारायण, राजेश केसरवानी, अनुराग सिंह, अभिषेक ठाकुर आदि मौजूद रहे।

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