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High Court : फर्जी दस्तावेज के आधार पर आदेश हासिल करने वाले दो वकीलों के लाइसेंस रद्द कराने का आदेश

Sat, 01 Aug 2026 05:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 01 Aug 2026 05:27 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर आदेश हासिल करने वाले दो वकीलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही महानिबंधक को बार कौंसिल में शिकायत भेजकर दोनों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कराने व उनके खिलाफ आपराधिक परिवाद दर्ज कराने का भी आदेश दिया है।

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High Court Order issued to cancel the licenses of two lawyers who obtained an order based on forged documents
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर आदेश हासिल करने वाले दो वकीलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही महानिबंधक को बार कौंसिल में शिकायत भेजकर दोनों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कराने व उनके खिलाफ आपराधिक परिवाद दर्ज कराने का भी आदेश दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने बरेली विकास प्राधिकरण की 66 दिन देरी से दाखिल समीक्षा याचिका को स्वीकार करते हुए दिया। मामला बरेली के दोहनिया गांव की भूमि के अधिग्रहण से जुड़ा है। 26 अप्रैल 2016 के मूल अवार्ड में केवल नियमानुसार ब्याज देने का उल्लेख था, लेकिन हाईकोर्ट में दाखिल टाइप की गई प्रति में जानबूझकर यह जोड़ दिया गया कि पहले वर्ष नौ प्रतिशत और उसके बाद 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।
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इसी परिवर्तित प्रति के आधार पर 24 मई 2024 को हाईकोर्ट ने बढ़ी दर से ब्याज भुगतान का आदेश दे दिया। बाद में अवमानना याचिका के दबाव में प्राधिकरण ने भुगतान भी कर दिया। रिकॉर्ड की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर प्राधिकरण ने समीक्षा याचिका दाखिल की। अधिवक्ताओं ने इसे टाइपिंग की गलती बताया और माफी मांगी पर कोर्ट ने यह दलील सिरे से खारिज कर दी। कहा कि यह साधारण त्रुटि नहीं, बल्कि अदालत को धोखा देकर अवैध आर्थिक लाभ लेने का सुनियोजित प्रयास था। पकड़े जाने के बाद मांगी गई माफी वास्तविक पश्चाताप नहीं, बल्कि दंड से बचने का प्रयास है। कोर्ट ने 24 मई 2024 का आदेश निरस्त कर प्राधिकरण को अतिरिक्त भुगतान की गई राशि भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूलने का आदेश दिया है।

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