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Prayagraj :माघ मेले में दौड़ीं एक हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें, अयोध्या, काशी और चित्रकूट के लिए चली रिंग रेल
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 17 Feb 2026 01:38 PM IST
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सार
संगम नगरी में संपन्न हुए माघ मेले में इस बार भारतीय रेलवे की मुस्तैदी का नया रिकॉर्ड बन गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मेला अवधि में 22 करोड़ से अधिक लोगों ने संगम स्नान किया। इस भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भी रिकॉर्ड संख्या में ट्रेनों का संचालन किया।
ट्रेन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
संगम नगरी में संपन्न हुए माघ मेले में इस बार भारतीय रेलवे की मुस्तैदी का नया रिकॉर्ड बन गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मेला अवधि में 22 करोड़ से अधिक लोगों ने संगम स्नान किया। इस भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भी रिकॉर्ड संख्या में ट्रेनों का संचालन किया। यह पहला मौका रहा, जब मेला अवधि में एक हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों का संचालन हुआ।
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दो जनवरी से 15 फरवरी के बीच कुल 1067 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इससे पहले कभी भी माघ मेले के दौरान स्पेशल ट्रेनों की संख्या 400 के पार नहीं गई। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर), उत्तर रेलवे (एनआर) और पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के आपसी समन्वय से इस बार श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा की सुविधा मिली।
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इस बार माघ मेले की अवधि में स्पेशल और रूटीन मिलाकर कुल 9135 ट्रेनों का संचालन हुआ। इनमें 8068 रूटीन एवं 1067 स्पेशल ट्रेनें शामिल रहीं। मौनी अमावस्या (18 जनवरी) पर यात्रियों के भारी दबाव को संभालने के लिए रेलवे ने 60 स्पेशल ट्रेनें चलाईं। इसी तरह बसंत पंचमी पर 45, मकर संक्रांति पर 41, माघी पूर्णिमा पर 40 और पौष पूर्णिमा पर 38 स्पेशल ट्रेनें संचालित की गईं।
रिंग रेल रही हिट
इस बार माघ मेले में रिंग रेल का भी संचालन किया गया। संगम में डुबकी लगाने के बाद अयोध्या में रामलला और काशी में विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा काफी लाभदायक साबित हुई। चित्रकूट के लिए भी ट्रेनों की सुलभता ने श्रद्धालुओं का सफर आरामदायक बना दिया। रिंग रेल सेवा अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। महाकुंभ की तर्ज पर पहली बार माघ मेले में रिंग रेल चलाई गई। 15 फरवरी तक एक हजार से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन रेलवे ने किया। - शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे