Prayagraj : आंखों में गुस्सा लिए पहुंचे युवा चेहरे पर खुशी लेकर लौटे, सिविल लाइन में उमड़ा छात्रों का जनसैलाब
नीट पेपर लीक के खिलाफ आंखों में गुस्सा लिए सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पहुंचे युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चेहरे पर खुशी लेकर लौटे। हजारों की भीड़ से पटे धरना स्थल पर जुटे छात्र संगठनों के बीच न तो वैचारिक भिन्नता दिखी और न ही श्रेय लेने का होड़। सभी एक मंच पर खड़े नजर आए।
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नीट पेपर लीक के खिलाफ आंखों में गुस्सा लिए सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पहुंचे युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चेहरे पर खुशी लेकर लौटे। हजारों की भीड़ से पटे धरना स्थल पर जुटे छात्र संगठनों के बीच न तो वैचारिक भिन्नता दिखी और न ही श्रेय लेने का होड़। सभी एक मंच पर खड़े नजर आए।
छात्र शनिवार सुबह 8.30 बजे से ही धरना स्थल पर जुटने लगे। बीच-बीच में कभी तेज और कभी हल्की बारिश भी उन्हें रोक नहीं सकी। भीगे शरीर और आंखों में गुस्से के साथ नारेबाजी करते रहे, ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो।’ हालांकि, धरना स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी लेकिन जंतर मंतर की घटना से सबक लेकर टकराव को टालते हुए छात्रों को कहीं रोका नहीं गया।
वहीं, धरना स्थल से तकरीबन आधा किलोमीटर दूर सुभाष चौराहे पर इकट्ठा प्रदर्शनकारी उस वक्त उग्र हो गए जबकि उन्होंने एक राजनीतिक दल का झंडा लगी गाड़ी देखी। प्रदर्शनकारियों ने चार पहिया वाहन में तोड़फोड़ की। इस बीच वहीं से सांसद का स्टीकर लगा एक अन्य चार पहिया वाहन निकला, जिस पर पत्थर बरसाए गए और एक अन्य वाहन के पीछे भी प्रदर्शनकारी भागे, जिस पर राजनीतिक दल का झंडा लगा था।
दोपहर ढाई बजे के आसपास केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही प्रदर्शन कर रहे छात्र जश्न में डूबे गए लेकिन खबर की पुष्टि होने तक कोई वहां से हटना नहीं चाहते थे। इसके बाद भी काफी देर तक छात्र वहां डटे रहे और फिर धीमे-धीमे प्रदर्शनकारियों की भीड़ छंटने लगी। शाम तक धरना स्थल खाली हो गया।
छात्र आंदोलनों की धुरी रहा है प्रयागराज
- प्रयागराज हमेशा से छात्र आंदोलन की धुरी रहा है। इससे पहले आरओ/एआरओ पेपर लीक मामले में फरवरी 2024 में प्रयागराज में व्यापक स्तर पर छात्र आंदोलन हुआ था और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को परीक्षा निरस्त कर दोबारा करानी पड़ी थी। पेपर लीक की इस घटना के बाद परीक्षा संबंधी नियमों को काफी सख्त कर दिया गया था और सरकार को कानून में संशोधन करना पड़ा था। वहीं, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर हुए छात्र आंदोलन के बाद ही 2017 के चुनाव में प्रदेश की सत्ता बदल गई थी।
कोई पैदल तो कोई ई-रिक्शा से पहुंचा धरना स्थल
इस बार का छात्र आंदोलन कुछ अलग दिखा। कोई पैदल तो कोई ई-रिक्शा से सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पहुंचा। शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छात्र भी धरना स्थल पहुंचे। हाथ में तिरंगा, महात्मा गांधी और डॉ. आंबेडकर की तस्वीरों के साथ पहुंचे छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ आंदोलन में भागीदारी की।