सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: A B.Tech student, stressed by his back exam

Jhansi: बैक पेपर आने से तनाव में आए बीटेक छात्र ने फंदा लगाकर दी जान, हॉस्टल का दरवाजा तोड़कर निकाला गया शव

अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Wed, 15 Apr 2026 09:15 PM IST
विज्ञापन
सार

परिवार में अभिषेक इकलौता बेटा था। वह मैकेनिकल शाखा से बीटेक कर रहा था। दोस्तों का कहना है कि अभिषेक बैक पेपर की वजह से अवसाद में था।

Jhansi: A B.Tech student, stressed by his back exam
छात्र अभिषेक गौतम की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

बुंदेलखंड इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईईटी) में बीटेक (तृतीय वर्ष) के छात्र अभिषेक गौतम (23) ने लगातार तीन बैक पेपर के तनाव में फंदा लगाकर जान दे दी। बुधवार सुबह हॉस्टल के कमरे में उसका शव लटका मिला। परिजनों एवं दोस्तों का कहना था कि अभिषेक बैक पेपर की वजह से अवसाद में था। इस वजह से उसके सुसाइड करने की आशंका है। पुलिस आगे भी मामले की जांच कर रही है।
Trending Videos


मूल रूप से औरैया जिले के अछल्दा थाने के बसई गांव का अभिषेक बीआईईटी परिसर के अंदर पंचवटी हॉस्टल के रूम नंबर एस-8 में अकेला रहता था। वह मैकेनिकल शाखा से बीटेक कर रहा था। हॉस्टल के उसके दोस्तों ने बताया कि बुधवार सुबह अभिषेक कमरे से नीचे पानी भरने उतरा था। इस दौरान बाहर खड़े छात्रों से बात की। पानी भरने के बाद कमरे में चला गया। कई बार मां के कॉल करने पर उसने फोन नहीं उठाया। मां ने घबराकर राजगढ़ स्थित घर से किरायेदार को हॉस्टल भेजा। अभिषेक का कमरा अंदर से बंद था। खिड़की खोलकर देखने पर शव फंदे से लटका दिखा। यह देख वहां खलबली मच गई। सूचना पर वार्डन एवं निदेशक जितेंद्र शर्मा पहुंच गए। पीआरडी कर्मियों की मौजूदगी में गेट तोड़ा गया। मौके पर नवाबाद पुलिस एवं फॉरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर छानबीन की।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर साल आ रहे थे बैक
उधर, छात्र के सुसाइड ने संस्थान में खलबली मचा दी। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के मुताबिक प्रारंभिक छानबीन में मालूम चला कि अभिषेक बैक पेपर आने से परेशान था। कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। उसका मोबाइल लॉक है। उसे खुलवाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, निदेशक जितेंद्र कुमार शर्मा का भी कहना है कि बैक पेपर आने की वजह से छात्र डिप्रेशन में था। किसी से कोई बात नहीं बताता था। दोस्तों के पूछने पर मूड अच्छा न होने की बात कहता था। हर साल उसके बैक आ रहे थे।


इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही अचेत हो गई मां
बीटेक छात्र अभिषेक के पिता वेदपाल गौतम प्राइवेट वाहन चलाते हैं। मां सुनीता गृहिणी हैं। परिवार में छोटी बहन काजल है, जो देहरादून में पढ़ती है। परिवार में अभिषेक इकलौता बेटा था। माता-पिता औरैया आकर प्रेमनगर के राजगढ़ इलाके में रहने लगे थे। परिजनों का कहना था कि हर शनिवार को अभिषेक घर आता था, लेकिन इस बार घर नहीं आया। मंगलवार को उससे बात हुई थी, तब तक उसने कुछ बात नहीं बताई थी। मां सुनीता इन दिनों औरैया गई हुई हैं। अभिषेक के फोन न उठाने पर उन्होंने अपने यहां रहने वाले किरायेदार श्याम को भेजा था। कुछ देर बाद सबसे पहले मां को यह बात मालूम चली। अभिषेक के इस आत्मघाती कदम उठाए जाने की सूचना मिलते ही मां सुनीता अचेत हो गई। तब तक परिवार के अन्य लोग भी जुट गए। किसी तरह उनको होश में लाया गया, होश में आते ही वह अभिषेक के पास जाने की जिद करने लगीं। परिवार के लोग उनको लेकर झांसी आए। यहां अभिषेक का शव देखकर उससे लिपटकर बिलखने लगीं। परिजनों का कहना है कि अभिषेक की पढ़ाई के लिए छोटी-छोटी बचत कर फीस का इंतजाम करते थे। परिवार ने अभिषेक के लिए बड़े-बड़े सपने देख रखे थे, लेकिन उसके इस आत्मघाती कदम ने उनके सारे सपने चकनाचूर कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed