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Mahoba News: मार्च 2027 में रिंग रोड पर फर्राटा भर सकेंगे वाहन
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16 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के निर्माण कार्य ने पकड़ी तेजी, समतलीकरण का काम पूरा
फोटो 19 एमएएचपी 03 परिचय-सिजहरी के पास रिंग रोड बनाने के लिए सड़क का समतलीकरण करती जेसीबी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। महोबा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शहर के बाहर 16 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का निर्माण करा रहा है। यह महत्वपूर्ण परियोजना मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। भूमि के समतलीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। अब सड़क निर्माण में तेजी आ गई है।
कार्यदायी संस्था ने सड़क का निर्माण शुरू कर दिया है। यह फोरलेन रिंग सड़क शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाएगा। साथ ही, दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाने में सहायक होगा। इस रिंग सड़क पर सिक्सलेन के फ्लाईओवर और फोरलेन की सड़क प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
फोरलेन सड़क निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट समेत अन्य कार्यवाही तीन साल पहले पूरी की गई थी। इस परियोजना की कुल लागत 1,600 करोड़ रुपये है। इसमें रिंग सड़क निर्माण पर 1,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भूमि मुआवजा और अन्य खर्चों में 400 करोड़ रुपये शामिल हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 13 मार्च 2023 को इसका शिलान्यास किया था।
सड़क निर्माण का काम बंसल निर्माण कंपनी देख रही है। कंपनी के प्रबंधक योगेंद्र शर्मा के अनुसार, जमीन के समतलीकरण का कार्य पूरा हो गया है। सड़क निर्माण का काम युद्धस्तर पर जारी है। उम्मीद है कि वर्ष 2027 तक इस रिंग सड़क पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। यह परियोजना क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह फोरलेन सड़क किड़ारी फाटक के पास से शुरू होगी। यह दिसरापुर, बिलवई, नथुपुरा, बजरिया, रहेलिया, महोबा और चांदो से होकर गुजरेगी। अंत में यह सिजहरी के पास कानपुर-सागर राजमार्ग से मिलेगी। इस रिंग सड़क से शहर के अंदर यातायात का दबाव कम होगा। इससे यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।
10 गांवों से निकल रहा फोरलेन
यह फोरलेन रिंग रोड शहर के लिए बाइपास का काम करेगा। शहर की सीमा के निकट 10 गांवों से होकर फोरलेन निकल रहा है। इन गांवों के 173 भूमि खाताधारकों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है। इसमें डहर्रा गांव में एक, फतेहपुर बजरिया के 27, नथूपुरा के 27, बिलबई के सात, बिलरही के 10, चंद्रपुरा के दो, चांदों के 86, मिरतला के सात, मुड़हरा के एक और रहेलिया के नौ भूमि खाताधारकों की भूमि शामिल है। इसके साथ ही सिंचित, असिंचित, परती व बंजर भूमि शामिल है।
फोरलेन बनने से शहर में कम होंगे हादसे
महोबा। शहर से गुजरे कानपुर-सागर नेशनल हाईवे के किनारे की आबादी बढ़ गई है। सड़क पर लोड ज्यादा रहता है। ऐसे में आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। एनएचएआई से प्रस्तावित फोरलेन शहर के बाहर से निकलेगा। इसे लिंक रोड के तौर पर भी जाना जाएगा। इससे शहर में भारी वाहनों की आवाजाही कम होगी। ऐसे में सड़क हादसे कम होंगे। (संवाद)
समय की होगी बचत, जाम से मिलेगी निजात
महोबा। शहर के बाहर से फोरलेन बनने से वाहन चालकों को आवाजाही में आसानी होगी। अभी यह वाहन शहर के अंदर से गुजरते हैं। इससे वाहनों की गति धीमी करनी पड़ती है। जाम लगने की वजह से समय अधिक लगता है। वहीं नया फोरलेन रिंग रोड बनने से वाहन शहर के बाहर से निकलेंगे। इससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी। (संवाद)
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फोटो 19 एमएएचपी 03 परिचय-सिजहरी के पास रिंग रोड बनाने के लिए सड़क का समतलीकरण करती जेसीबी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। महोबा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शहर के बाहर 16 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का निर्माण करा रहा है। यह महत्वपूर्ण परियोजना मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। भूमि के समतलीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। अब सड़क निर्माण में तेजी आ गई है।
कार्यदायी संस्था ने सड़क का निर्माण शुरू कर दिया है। यह फोरलेन रिंग सड़क शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाएगा। साथ ही, दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाने में सहायक होगा। इस रिंग सड़क पर सिक्सलेन के फ्लाईओवर और फोरलेन की सड़क प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
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फोरलेन सड़क निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट समेत अन्य कार्यवाही तीन साल पहले पूरी की गई थी। इस परियोजना की कुल लागत 1,600 करोड़ रुपये है। इसमें रिंग सड़क निर्माण पर 1,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भूमि मुआवजा और अन्य खर्चों में 400 करोड़ रुपये शामिल हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 13 मार्च 2023 को इसका शिलान्यास किया था।
सड़क निर्माण का काम बंसल निर्माण कंपनी देख रही है। कंपनी के प्रबंधक योगेंद्र शर्मा के अनुसार, जमीन के समतलीकरण का कार्य पूरा हो गया है। सड़क निर्माण का काम युद्धस्तर पर जारी है। उम्मीद है कि वर्ष 2027 तक इस रिंग सड़क पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। यह परियोजना क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह फोरलेन सड़क किड़ारी फाटक के पास से शुरू होगी। यह दिसरापुर, बिलवई, नथुपुरा, बजरिया, रहेलिया, महोबा और चांदो से होकर गुजरेगी। अंत में यह सिजहरी के पास कानपुर-सागर राजमार्ग से मिलेगी। इस रिंग सड़क से शहर के अंदर यातायात का दबाव कम होगा। इससे यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।
10 गांवों से निकल रहा फोरलेन
यह फोरलेन रिंग रोड शहर के लिए बाइपास का काम करेगा। शहर की सीमा के निकट 10 गांवों से होकर फोरलेन निकल रहा है। इन गांवों के 173 भूमि खाताधारकों की जमीनों का अधिग्रहण किया गया है। इसमें डहर्रा गांव में एक, फतेहपुर बजरिया के 27, नथूपुरा के 27, बिलबई के सात, बिलरही के 10, चंद्रपुरा के दो, चांदों के 86, मिरतला के सात, मुड़हरा के एक और रहेलिया के नौ भूमि खाताधारकों की भूमि शामिल है। इसके साथ ही सिंचित, असिंचित, परती व बंजर भूमि शामिल है।
फोरलेन बनने से शहर में कम होंगे हादसे
महोबा। शहर से गुजरे कानपुर-सागर नेशनल हाईवे के किनारे की आबादी बढ़ गई है। सड़क पर लोड ज्यादा रहता है। ऐसे में आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। एनएचएआई से प्रस्तावित फोरलेन शहर के बाहर से निकलेगा। इसे लिंक रोड के तौर पर भी जाना जाएगा। इससे शहर में भारी वाहनों की आवाजाही कम होगी। ऐसे में सड़क हादसे कम होंगे। (संवाद)
समय की होगी बचत, जाम से मिलेगी निजात
महोबा। शहर के बाहर से फोरलेन बनने से वाहन चालकों को आवाजाही में आसानी होगी। अभी यह वाहन शहर के अंदर से गुजरते हैं। इससे वाहनों की गति धीमी करनी पड़ती है। जाम लगने की वजह से समय अधिक लगता है। वहीं नया फोरलेन रिंग रोड बनने से वाहन शहर के बाहर से निकलेंगे। इससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी। (संवाद)