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Shamli News: केंद्रीय बजट 2026 से व्यापारियों-उद्यमियों को बड़ी राहत की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 31 Jan 2026 01:03 AM IST
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शामली। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर जनपद के व्यापारियों और उद्यमियों को सरकार से कई अहम उम्मीदें हैं। व्यापारियों का कहना है कि बजट में जीएसटी व्यवस्था को सरल और व्यावहारिक बनाया जाए तथा जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी किया जाए, ताकि छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत मिल सके और बाजार में तेजी आए।
व्यापारी प्रतीक गर्ग ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था को और अधिक सरल किया जाना चाहिए। साथ ही अधिकारियों के अनावश्यक हस्तक्षेप से व्यापारियों को निजात मिलनी चाहिए। कुछ मामलों में छापे के नाम पर वसूली की शिकायतें सामने आती हैं। इसके लिए एक पारदर्शी ऑनलाइन एप्लीकेशन या शिकायत प्रणाली शुरू की जानी चाहिए।
लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष एवं साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने कहा कि आगामी केंद्रीय बजट में सरकार को उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को आयकर रिफंड की तरह तेज किया जाए, ताकि समय पर धन वापस मिल सके। साथ ही निर्यातकों को विशेष वर्किंग कैपिटल सहायता दी जानी चाहिए।
उद्यमी यश गर्ग ने कहा कि एमएसएमई इकाइयों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। बिना गारंटी ऋण की सीमा बढ़ाई जाए और क्रेडिट गारंटी योजनाओं को और मजबूत किया जाए। अधिकांश उद्यमियों की भूमि कृषि श्रेणी की होती है, जिसे बैंक कोलेटरल सिक्योरिटी के रूप में स्वीकार नहीं करते। कृषि भूमि को भी सिक्योरिटी के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।
चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए आकाश कुमार गुप्ता ने कहा कि बजट 2026 से करदाताओं की मूल अपेक्षा यह है कि कर व्यवस्था को भय, अनिश्चित नोटिसों और तकनीकी त्रुटियों से मुक्त कर विश्वास-आधारित प्रणाली बनाया जाए। ईमानदार करदाता को सप्लायर की गलती या प्रक्रिया संबंधी चूक के लिए दंडित न किया जाए।
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व्यापारी प्रतीक गर्ग ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था को और अधिक सरल किया जाना चाहिए। साथ ही अधिकारियों के अनावश्यक हस्तक्षेप से व्यापारियों को निजात मिलनी चाहिए। कुछ मामलों में छापे के नाम पर वसूली की शिकायतें सामने आती हैं। इसके लिए एक पारदर्शी ऑनलाइन एप्लीकेशन या शिकायत प्रणाली शुरू की जानी चाहिए।
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लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष एवं साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने कहा कि आगामी केंद्रीय बजट में सरकार को उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को आयकर रिफंड की तरह तेज किया जाए, ताकि समय पर धन वापस मिल सके। साथ ही निर्यातकों को विशेष वर्किंग कैपिटल सहायता दी जानी चाहिए।
उद्यमी यश गर्ग ने कहा कि एमएसएमई इकाइयों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। बिना गारंटी ऋण की सीमा बढ़ाई जाए और क्रेडिट गारंटी योजनाओं को और मजबूत किया जाए। अधिकांश उद्यमियों की भूमि कृषि श्रेणी की होती है, जिसे बैंक कोलेटरल सिक्योरिटी के रूप में स्वीकार नहीं करते। कृषि भूमि को भी सिक्योरिटी के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।
चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए आकाश कुमार गुप्ता ने कहा कि बजट 2026 से करदाताओं की मूल अपेक्षा यह है कि कर व्यवस्था को भय, अनिश्चित नोटिसों और तकनीकी त्रुटियों से मुक्त कर विश्वास-आधारित प्रणाली बनाया जाए। ईमानदार करदाता को सप्लायर की गलती या प्रक्रिया संबंधी चूक के लिए दंडित न किया जाए।
