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Sultanpur News: कागजों में गर्म, हकीकत में ठंडे हैं सरकारी कंबल
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 20 Dec 2025 01:48 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में कंबल ओढ़े मरीज।
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सुल्तानपुर। कड़ाके की ठंड के बीच मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अस्पताल पहुंचे मरीज यहां सर्द हवा के आगे बेबस नजर आ रहे हैं। कंबल और हीटर दोनों नाकाफी हैं। खासकर पुरानी बिल्डिंग के दूसरे तल पर संचालित वार्डों में हालात ज्यादा खराब हैं।
नई बिल्डिंग के वार्डों में मरीजों की संख्या अधिक होने पर पुराने भवन के वार्डों में भर्ती किया जा रहा है। इन वार्डों के बड़े-बड़े कमरों में अस्पताल की ओर से लगाए गए हीटर ठंड को दूर नहीं कर पा रहे हैं। नई बिल्डिंग के जनरल वार्ड में भर्ती मरीज राम प्यारे ने बताया कि दिन में किसी तरह समय कट जाता है, लेकिन रात भारी पड़ती है। मजबूरी में घर से रजाई और अतिरिक्त कंबल मंगवाने पड़े हैं। पुरानी बिल्डिंग के वार्ड में भर्ती मरीज की परिजन सुमित्रा का कहना है कि हीटर चलता तो है, लेकिन कमरे इतने बड़े हैं कि गर्मी महसूस ही नहीं होती। खिड़कियों से आने वाली ठंडी हवा परेशानी और बढ़ा देती है।
तीमारदार संजय बताते हैं कि तीन दिनों से मरीज के साथ हैं। अस्पताल से मिले एक कंबल से काम नहीं चलता। सुबह घर से रजाई लानी पड़ी। जो बेड खिड़की के पास है, वहां ठंड और ज्यादा महसूस होती है। मरीजों की हालत और बिगड़ने का खतरा बना रहता है।
यह है कंबल का निर्धारित मानक
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दिए जाने वाले कंबल का वजन कम से कम दो किलो 200 ग्राम होना चाहिए। शासनादेश के मुताबिक कंबल की चौड़ाई 150 सेंटीमीटर और लंबाई 230 सेंटीमीटर या लगभग सात फीट तय है। अस्पताल के बेड पर मरीज को पूरी तरह ढक कर ठंड से बचाया जा सके।
बढ़ाए जाएंगे कमरों में हीटर
सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए वार्डों में हीटर लगाए गए हैं। यदि इसके बाद भी दिक्कत है तो और हीटर लगवाए जाएंगे।
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नई बिल्डिंग के वार्डों में मरीजों की संख्या अधिक होने पर पुराने भवन के वार्डों में भर्ती किया जा रहा है। इन वार्डों के बड़े-बड़े कमरों में अस्पताल की ओर से लगाए गए हीटर ठंड को दूर नहीं कर पा रहे हैं। नई बिल्डिंग के जनरल वार्ड में भर्ती मरीज राम प्यारे ने बताया कि दिन में किसी तरह समय कट जाता है, लेकिन रात भारी पड़ती है। मजबूरी में घर से रजाई और अतिरिक्त कंबल मंगवाने पड़े हैं। पुरानी बिल्डिंग के वार्ड में भर्ती मरीज की परिजन सुमित्रा का कहना है कि हीटर चलता तो है, लेकिन कमरे इतने बड़े हैं कि गर्मी महसूस ही नहीं होती। खिड़कियों से आने वाली ठंडी हवा परेशानी और बढ़ा देती है।
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तीमारदार संजय बताते हैं कि तीन दिनों से मरीज के साथ हैं। अस्पताल से मिले एक कंबल से काम नहीं चलता। सुबह घर से रजाई लानी पड़ी। जो बेड खिड़की के पास है, वहां ठंड और ज्यादा महसूस होती है। मरीजों की हालत और बिगड़ने का खतरा बना रहता है।
यह है कंबल का निर्धारित मानक
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दिए जाने वाले कंबल का वजन कम से कम दो किलो 200 ग्राम होना चाहिए। शासनादेश के मुताबिक कंबल की चौड़ाई 150 सेंटीमीटर और लंबाई 230 सेंटीमीटर या लगभग सात फीट तय है। अस्पताल के बेड पर मरीज को पूरी तरह ढक कर ठंड से बचाया जा सके।
बढ़ाए जाएंगे कमरों में हीटर
सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए वार्डों में हीटर लगाए गए हैं। यदि इसके बाद भी दिक्कत है तो और हीटर लगवाए जाएंगे।
