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Unnao News: नाबालिग छात्राओं को दिल्ली भेजने की साजिश, पुलिस की निष्क्रियता पर एसपी से शिकायत
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उन्नाव। आवास-विकास मोहल्ला निवासी एक महिला ने दो साथियों की मदद से जीजीआईसी में पढ़ रही पांच नाबालिग छात्राओं को दिल्ली में नौकरी दिलाने का लालच देकर ले जाने की साजिश की। इस मामले में दही पुलिस ने सुनवाई नहीं की। पीड़ित पिता ने नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक के साथ एसपी से मिलकर प्रार्थनापत्र दिया है। एसपी ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
पीड़ित पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी नाबालिग बेटी जीजीआईसी में कक्षा आठ में पढ़ती है। एक शिक्षिका ने फोन कर जानकारी दी कि छात्रा पांच साथी छात्राओं के साथ दिल्ली भाग जाने की बात कर रही है। बेटी से पूछताछ में पता चला कि पड़ोस की एक महिला और उसके साथियों ने बच्चियों को दिल्ली में 10 हजार रुपये मासिक वेतन की नौकरी दिलाने का वादा किया था। साथ ही माता-पिता की डांट-फटकार से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने का सब्जबाग दिखाया।
आरोप है कि इसके बदले प्रत्येक बच्ची से तीन-तीन हजार रुपये भी जमा कराए। बच्चियों को यह भी बताया कि घर पर एक नोट लिखकर छोड़ दें कि परिजनों के उत्पीड़न से परेशान होकर घर छोड़ रही हैं। योजना के अनुसार 16 जनवरी की रात घर के बाहर गाड़ी आनी थी जिसमें बैठकर उन्हें दिल्ली जाना था। यह भी पता चला कि महिला ने विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बच्चियों को निशाना बनाया था।
पीड़ित पिता ने बताया कि थाने में प्रेम-प्रसंग का मामला बताकर टालने की कोशिश की गई। सुनवाई होते न देख नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी से बताया तब उन्होंने एसपी से मुलाकात कराई। एसपी जयप्रकाश सिंह ने दही थानाध्यक्ष को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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पीड़ित पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी नाबालिग बेटी जीजीआईसी में कक्षा आठ में पढ़ती है। एक शिक्षिका ने फोन कर जानकारी दी कि छात्रा पांच साथी छात्राओं के साथ दिल्ली भाग जाने की बात कर रही है। बेटी से पूछताछ में पता चला कि पड़ोस की एक महिला और उसके साथियों ने बच्चियों को दिल्ली में 10 हजार रुपये मासिक वेतन की नौकरी दिलाने का वादा किया था। साथ ही माता-पिता की डांट-फटकार से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने का सब्जबाग दिखाया।
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आरोप है कि इसके बदले प्रत्येक बच्ची से तीन-तीन हजार रुपये भी जमा कराए। बच्चियों को यह भी बताया कि घर पर एक नोट लिखकर छोड़ दें कि परिजनों के उत्पीड़न से परेशान होकर घर छोड़ रही हैं। योजना के अनुसार 16 जनवरी की रात घर के बाहर गाड़ी आनी थी जिसमें बैठकर उन्हें दिल्ली जाना था। यह भी पता चला कि महिला ने विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बच्चियों को निशाना बनाया था।
पीड़ित पिता ने बताया कि थाने में प्रेम-प्रसंग का मामला बताकर टालने की कोशिश की गई। सुनवाई होते न देख नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी से बताया तब उन्होंने एसपी से मुलाकात कराई। एसपी जयप्रकाश सिंह ने दही थानाध्यक्ष को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
