काशी में ब्रिक्स सम्मेलन: दक्षिण अफ्रीका, यूएई, ब्राजील और चीन के प्रतिनिधि पहुंचे, पारंपरिक अंदाज में स्वागत
Varanasi News: ब्रिक्स की बैठक में शामिल होने के लिए दक्षिण अफ्रीका, यूएई, ब्राजील और चीन के प्रतिनिधि काशी पहुंचे। यहां पारंपरिक अंदाज में मेहमानों का स्वागत किया गया।
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ब्रिक्स देशों के संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका, यूएई, ब्राजील, चीन सहित अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधि बुधवार को काशी पहुंच गए। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विदेशी प्रतिनिधियों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। लोक कलाकारों ने धोबिया, करमा और नटवरी जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी। छात्र-छात्राओं ने भी अलग-अलग देशों के झंडे लहराकर अतिथियों का अभिनंदन किया। स्वागत के जरिये ही विदेशी प्रतिनिधियों को काशी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के दर्शन कराए गए। भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई।
एयरपोर्ट डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने बताया कि एयरपोर्ट पर विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 2623 से 3:05 बजे दक्षिण अफ्रीका की प्रतिनिधि क्लीन नोआ, जोसेफ मोकगेथी और मसाना चिकेका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की फातिमा अलसुबैदी और शथा अलमुल्ला वाराणसी पहुंची हैं।
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इसी तरह इंडिगो की फ्लाइट 6ई-5025 से सुबह 11:48 बजे ब्राजील के लुकास गोडॉय विलेला और चीन के झांग हॉलिन और तेंगयुआन हे भी वाराणसी पहुंचे। बैठक में भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया के 30 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन में दिखेगी काशी के हुनर की चमक
दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत समेत चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, यूएई, ब्राजील और ईरान के प्रतिनिधि बुधवार को काशी पहुंचे। दूसरी ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। उद्योग विभाग की ओर से जीआई उत्पादों के नौ स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें ज्वेलरी, सिल्क उत्पाद, कालीन, लकड़ी के खिलौने समेत विभिन्न पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदर्शनी में शिल्पकार अपनी कला का जीवंत प्रदर्शन भी करेंगे।