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चलते-चलते आई मौत: 12 घंटे की ड्यूटी के बाद सड़क पर गिरा कर्मचारी, सीसीटीवी जांच की मांग; इस बात की आशंका

Mon, 10 Aug 2026 06:25 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 10 Aug 2026 06:25 PM IST
सार

Chandauli News: चंदौली में 12 घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद कंपनी से निकलते ही कर्मचारी सड़क पर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचते ही चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने करंट लगने की आशंका जताते हुए घटना पर सवाल उठाए हैं। मामले में 10-15 मिनट की सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग की गई है।

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Death strikes Employee collapses on road after 12-hour shift CCTV probe demanded suspicions raised
सीसीटीवी में दिखा ये दृश्य। - फोटो : संवाद

विस्तार

UP News: मुगलसराय थाना क्षेत्र के पुरानी डांडी स्थित सरगम इंटरप्राइजेज पाइप कंपनी के एक कर्मचारी की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। भिसौड़ी निवासी मुन्ना पाल (50) रविवार रात 9 बजे से सोमवार सुबह 9 बजे तक करीब 12 घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद घर लौट रहे थे।

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इसी दौरान कंपनी परिसर के पास अचानक सड़क पर गिर पड़े। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है।
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परिजनों के अनुसार, मुन्ना पाल नियमित रूप से कंपनी में काम करते थे। रविवार रात भी वह निर्धारित समय पर ड्यूटी करने पहुंचे थे। करीब 12 घंटे काम करने के बाद सोमवार सुबह कंपनी से बाहर निकले। इसी दौरान कंपनी के पास सड़क पर वह अचानक लड़खड़ाकर गिर गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

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सीसीटीवी फुटेज को लेकर उठे सवाल
परिजनों और ग्रामीणों का दावा है कि कंपनी के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में मुन्ना पाल के सड़क पर गिरने की घटना रिकॉर्ड हुई है। उनका कहना है कि फुटेज में वह लड़खड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि सड़क पर गिरने के बाद वह काफी देर तक वहीं पड़े रहे। बाद में अन्य कर्मचारियों की नजर उन पर पड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

घटना के सीसीटीवी फुटेज को लेकर पूर्व प्रधान लाल बाबू यादव और ग्राम प्रधान महेंद्र यादव ने भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना से जुड़े करीब 10 से 15 मिनट के महत्वपूर्ण फुटेज को पूरी तरह सामने नहीं लाया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि घटना से पहले और बाद का पूरा सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराकर उसकी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मुन्ना पाल के साथ वास्तव में क्या हुआ था।

पहले लतीफ अस्पताल, फिर बीएचयू रेफर
परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद मुन्ना पाल को उपचार के लिए पहले लतीफ हॉस्पिटल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक के पुत्र सुधांशु पाल ने बताया कि उनके पिता को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि संभवत: कंपनी परिसर में काम के दौरान या बाहर निकलते समय उन्हें करंट का झटका लगा हो। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट कहा कि वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

अस्पताल की जानकारी मिलने में देरी का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों की जानकारी दी गई। इससे उन्हें सही जानकारी मिलने और अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। परिजनों का कहना है कि यदि घटना की सूचना तत्काल और सही तरीके से दी जाती तो वे समय रहते अस्पताल पहुंच सकते थे। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने के साथ ही कंपनी परिसर में सुरक्षा मानकों की भी जांच कराने की मांग की है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
फिलहाल मुन्ना पाल की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। करंट लगने की आशंका के अलावा अन्य संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिजनों और ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस कंपनी के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर घटना से पहले और बाद के पूरे घटनाक्रम की जांच करे। साथ ही कंपनी परिसर में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की भी जांच कराई जाए, जिससे मौत के कारणों का पता चल सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

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