एक साथ जली पति-पत्नी और बेटे की चिता: मुखाग्नि देने तक नहीं आया परिवार, घाट पर भावुक हुए लोग; पुलिस रही मौजूद
Varanasi News: बीमारी से मृत विशाल मुखर्जी और वाची होम स्टे में जहरीला पदार्थ खाकर जान देने वाली मां-बेटे का अंतिम संस्कार कराया गया। परिजनों के नहीं पहुंचने पर समाजसेवी अमन कबीर ने तीनों शवों को मुखाग्नि दी। पुलिस ने दाह संस्कार की वीडियोग्राफी कराई और सामान मालखाने में जमा कराया।
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Varanasi News: बीमारी से जान गंवाने वाले विशाल मुखर्जी और लक्सा स्थित वाची होम स्टे में जहरीला पदार्थ खाकर जान देने वाली मां-बेटे का शुक्रवार देर शाम हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। परिजनों और रिश्तेदारों के नहीं पहुंचने पर लक्सा पुलिस ने समाजसेवी अमन कबीर के माध्यम से तीनों शवों का दाह संस्कार कराया। अमन कबीर ने तीनों शवों को मुखाग्नि दी। एक साथ माता-पिता और बेटे की चिताएं जलती देख घाट पर मौजूद लोग भावुक हो गए।
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार दोपहर बाद तीनों शवों का शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए हरिश्चंद्र घाट ले जाया गया। पुलिस ने पूरे दाह संस्कार की वीडियोग्राफी भी कराई। मृतकों के परिजनों और रिश्तेदारों के नहीं पहुंचने के कारण पुलिस ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी समाजसेवी अमन कबीर को सौंपी।
प्रयागराज के कर्नलगंज निवासी रिश्तेदारों ने मुखर्जी परिवार के शव लेने से इन्कार कर दिया था। लक्सा पुलिस ने बृहस्पतिवार को विशाल की बहन पृथा पांडेय और बहनोई भूपेंद्र पांडेय से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार पृथा ने फोन पर बताया कि उसका अपने भाई और भाभी से करीब 12 साल पहले ही संबंध टूट चुका था। इसके चलते वह शव लेने नहीं आ सकीं।
पुलिस के अनुसार विशाल मुखर्जी करीब 15 साल पहले सीमेंट फैक्ट्री में काम करने महाराष्ट्र गए थे। इसके बाद वह वहीं बस गए थे। बीमारी के कारण उनकी मौत हुई थी। वहीं लक्सा क्षेत्र के वाची होम स्टे में पिता की मौत के बाद मां और बेटे ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी।
थाना प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराने वाले युवा समाजसेवी अमन कबीर के माध्यम से तीनों शवों का हरिश्चंद्र घाट पर दाह संस्कार कराया गया। मृतकों के सामान को पुलिस ने मालखाने में जमा करा दिया है। विशाल की बहन को भी घटना और अंतिम संस्कार की सूचना दे दी गई है।