{"_id":"69d8baabd90bdbc7f4005d8b","slug":"minister-dr-sanjay-kumar-nishad-announced-plans-to-provide-subsidies-to-fishing-community-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: एक लाख से ज्यादा मछुआ समाज को दी जा रही सब्सिडी, काशी में बोले- मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: एक लाख से ज्यादा मछुआ समाज को दी जा रही सब्सिडी, काशी में बोले- मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:24 PM IST
विज्ञापन
सार
मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि एक लाख से ज्यादा मछुआ समाज को सब्सिडी दी जा रही है। कहा कि केंद्र व राज्य सरकार मछुआ समाज के लिए कई योजनाएं चला रही है।
डॉ. संजय कुमार निषाद
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक एक लाख से ज्यादा मछुआ समाज के लोगों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सब्सिडी देकर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ये जानकारी उन्होंने उन्होंने सर्किट हाउस में पत्रकारों को दी।
Trending Videos
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत एशिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड मछली मंडी जनपद चंदौली में स्थापित की गई है। कहा कि केंद्र व राज्य सरकार मछुआ समाज के उत्थान के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल निर्देशन में कार्य हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मछुआ दुर्घटना बीमा योजना, मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट योजना, माता सुकेता केज कल्चर योजना, एरेशन सिस्टम, मत्स्य पालक कल्याण कोष के अंतर्गत मछुआ समाज के लोगों को शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, दैवीय आपदा एवं विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
इसे भी पढ़ें; वाराणसी में 80 लाख की डकैती: गुजरात की फर्म के कर्मचारी के साथ हुई घटना, असलहे के बल पर वारदात को दिया अंजाम
उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल को निषाद पार्टी का एक बड़ा कार्यक्रम जिले में प्रस्तावित है। उन्होंने मछुआ समाज की उपजातियों केवट, मल्लाह, बिंद, कश्यप, साहनी, धीवर आदि को पिछड़ा वर्ग से हटाकर अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग रखी।