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काशी में गंगा से बाबा विश्वनाथ तक ‘बम-बम’, दूसरे सोमवार को ढाई लाख कांवरियों ने किया जलाभिषेक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:36 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
काशी में सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह से गंगा के तट तक बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। मंगला आरती से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला अनवरत जारी रहा। बाबा के दरबार में शयन आरती तक ढाई लाख से अधिक शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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भीड़ का आलम यह था कि आठ से दस घंटे कतार में लगने के बाद बाबा के दर्शन मिल सके। हालांकि दिव्यांग और बुजुर्ग भक्तों को सीधे मंदिर में प्रवेश दिया गया। इस बार तीन सौ डाकबम ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई। सोमवार की भोर में 3:40 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के पट आम भक्तों के लिए खोले गए। फिर क्या था, हर-हर, बम-बम के जयघोष के साथ बाबा का जलाभिषेक शुरू हो गया।
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भोर में चार बजे दशाश्वमेध से गोदौलिया तक पूरी सड़क भगवाधारी कांवरियों से पट गई। गिरजाघर लक्सा रोड पर बीच कतार में घुसने को लेकर कई बार हो हल्ला भी हुआ। स्थिति यह थी कि लोग एक-दूसरे पर लद कर घंटों खड़े रहने के लिए मजबूर थे। इसी भीड़ में परिवार के साथ आए छोटे-छोटे बच्चे भी परेशान रहे। इस दौरान कुछ बच्चे डर कर रोने भी लगे। पुलिस के दो सिपाही और कुछ होमगार्ड भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश बार-बार करते रहे लेकिन उनकी एक नहीं चल रही थी।
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लोगों को आठ से दस घंटे तक कतार में लगने के बाद बाबा के दर्शन मिले। कांवरियों की भीड़ का दबाव दोपहर तीन बजे तक अनवरत जारी रहा। इस बीच प्रयाग से जल लेकर पहुंचे तीन सौ डाक बम ने बाबा का जलाभिषेक किया। सुबह आठ बजे तक 62 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया। शाम पांच बजे तक यह आंकड़ा एक लाख 70 हजार तक पहुंच गया था।
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गंगा घाट से लेकर बाबा दरबार तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एसपी ज्ञानवापी लगातार हमराहियों के साथ पूरे क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। दर्शनार्थियों की सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक सूचनाओं की उद्घोषणा भी लगातार की जाती रही। वहीं गंगा किनारे एनडीआरएफ की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ जुटी रही। कांवरियों को गहरे जल में न जाने की गुजारिश बार-बार उद्घोषणा के माध्यम से की जा रही थी।