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UP: शंकराचार्य बोले- शास्त्रों में लिखा है...गोरक्षा के लिए शस्त्र उठाना उचित, धर्मयुद्ध के लिए निकलना पड़ा

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 08 Mar 2026 02:15 PM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी में गंगा पूजन, गो पूजा और संकटमोचन में हनुमानजी की पूजा करने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती काशी से धर्म युद्ध के लिए रवाना हो गए। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दाैरान कई सवालों के राजनीतिक जवाब भी दिए।

Shankaracharya Avimukteshwarananda said it is written scriptures right to take up arms for cow protection
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

UP Politics: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार से गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की शुरुआत कर दी। सुबह उन्होंने केदारघाट पर गंगा पूजन किया। इसके बाद गोशाला गए और वहां गाय पूजन किया। यहां से वह भक्तों के साथ चिंतामणि गणेशजी के मंदिर पहुंचे। दर्शन के बाद संकटमोचन मंदिर गए। शंकराचार्य की यात्रा में लखनऊ चलो, लखनऊ चलो, जिंदा हिंदू लखनऊ चलो के पंफलेट भी वितरित किए गए।

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para_count-1 para_count-1 para_count-1 संकटमोचन में शंकराचार्य ने बरामदे में बैठकर हनुमानजी की पूजा की और कहा कि आज गो माता पर संकट आया है इसीलिए संकटमोचन की पूजा करने आए हैं। हनुमान बड़े गोभक्त हैं इसीलिए उनसे प्रार्थना की। इसके बाद वह आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गए।  para_count-1
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para_count-2 para_count-2 para_count-2 अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ऋषि के पास कामधेनु गाय थी। राक्षसों ने छीन ली तो भगवान परशुराम ने गो माता की रक्षा के लिए फरसा तक उठा लिया। गो माता पर आए संकट को उन्होंने टाला था। हमारे ऊपर यह भी प्रश्न उठता है कि बाकी लोग तो बोल नहीं रहे हैं, आप ही क्यों बोल रहे हैं। वहीं, संकट मोचन मंदिर में मीडिया कर्मियों और मंदिर के गार्ड के बीच नोंकझोंक हुई।

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ये है यात्रा का कार्यक्रम

  • 8 मार्च : रायबरेली के मोहनलालगंज- लालगंज- अचलगंज में सभा करते हुए उन्नाव पहुंचकर सभा फिर रात्रि-विश्राम।
  • 9 मार्च : बांगरमऊ और बघोली में सभा करते हुए नैमिषारण्य में सभा के बाद रात्रि-विश्राम।
  • 10 मार्च : सीतापुर के सिंधौली और इजौटा में सभा करते हुए लखनऊ पहुंचेंगे।
  • 11 मार्च : 2 बजे कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर पहुंच कर गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे।
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काशी के विद्वानों को दी शास्त्रार्थ की चुनौती
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य चयन के मामले पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब ज्योतिषपीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम महाराज के शिष्य सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष व नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। 

उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अधर्म के मार्ग पर चलकर ज्योतिष पीठ पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश की है। रसिक महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करने वाले काशी के विद्वानों को खुली शास्त्रार्थ की चुनौती दी है। उन्होंने काशी विद्वत परिषद पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह लोग फर्जी शंकराचार्य को प्रमाण पत्र जारी करते हैं। 

शुक्रवार को गोमतीनगर में अपने आवास पर जारी प्रेस नोट में स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती हमारे सनातनी संत हैं लेकिन वह शंकराचार्य पद के योग्य नहीं हैं। 

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