दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में हुई जातीय हिंसा के पांच दिनों बाद शांति बहाल करने की दिशा में प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में बिरौल के एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी और बिरौल एसडीओ शशांक राज के नेतृत्व में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और गांव में शांति कायम रखने को लेकर आपसी सहमति बनाई गई।
घटना में शामिल लोगों की पहचान और कार्रवाई पर जोर
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि जातीय वैमनस्य फैलाने वाली घटना में शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल घटना में संलिप्त लोगों पर होगी, न कि पूरे गांव पर।
गांव में 24 घंटे मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हरिनगर गांव में तीन शिफ्ट में 24 घंटे मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल को भी गांव में तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह के तनाव को दोबारा बढ़ने से रोका जा सके। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
सोशल मीडिया पर निगरानी, भ्रामक प्रचार पर सख्ती
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर जातीय विद्वेष फैलाने वालों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एसडीपीओ ने कहा कि पूरे गांव को आरोपी बताना गलत और भ्रामक प्रचार है। हरिनगर एक बड़ा गांव है, जहां ब्राह्मण समुदाय की आबादी करीब तीन हजार है, जबकि प्राथमिकी केवल 70 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है।
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बाहर रहने वालों के नाम प्राथमिकी से हटाने की प्रक्रिया
प्रशासन ने माना कि प्राथमिकी में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी दर्ज हो गए हैं, जो गांव में रहते नहीं हैं। इस बात को पीड़ित दलित समाज के लोग भी समझ रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके नाम प्राथमिकी से हटाए जाएंगे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
मजदूरी विवाद से शुरू हुआ था तनाव
गौरतलब है कि 30 जनवरी की सुबह बकाया मजदूरी को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। जानकारी के अनुसार, कैलाश पासवान ने हेमकांत झा की बहन के मकान निर्माण का कार्य किया था, जिसकी मजदूरी चार वर्षों से लंबित थी। इसी राशि की मांग को लेकर रास्ते में रोके जाने पर कहासुनी बढ़ी और मामला जातीय तनाव में बदल गया।
स्थिति फिलहाल नियंत्रण में, शांति बनाए रखने की अपील
शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि निर्दोष लोगों के साथ अन्याय नहीं होगा। फिलहाल गांव में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है और प्रशासन शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।