वैशाली में एक रिटायर्ड फौजी ने रुपये के लेनदेन विवाद को लेकर अपने पड़ोसी और उसके बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया गया है। फौजी ने बंदूक से कई राउंड फायरिंग की है, जिसमें पिता-पुत्र बाल-बाल बच गए। सूचना मिलने ही मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी फौजी और उसके एक भाई को गिरफ्तार कर लिया है, और बंदूक जब्त भी करली। पीड़ित रणधीर कुमार सिंह ने बताया कि रिटायर्ड फौजी बृजेश कुमार सिंह ने पांच साल पहले उनके पिता से 4 लाख रुपए लिए थे जो लौटा दिए गए थे।
इसके बावजूद फौजी उनसे 4 लाख रुपये की मांग कर रहा था। रुपये न देने पर बृजेश सिंह ने उनके घर पर चढ़कर फायरिंग की, घर में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट और लूटपाट कि घटना को अंजाम दिया गया है। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले की जांच पड़ताल करने में लग गई है तो पीड़ित के द्वारा एक लिखित आवेदन सराय थाने की पुलिस को दिया गया है जिसको लेकर पुलिस ने कागजी करवाई के बाद आरोपी को जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
सदर 2 डीएसपी गोपाल मंडल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मामला सराय थाना क्षेत्र के बोअरिया गांव का है। रिटायर्ड फौजी बृजेश सिंह का ग्रामीण रणधीर कुमार सिंह से रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद था। इसी विवाद के चलते बृजेश सिंह ने अपने दोनों भाइयों की मदद से रणधीर कुमार सिंह और उनके बेटे पर जानलेवा हमला किया।
ये भी पढ़ें- BSEB Exam: 17 फरवरी से मैट्रिक परीक्षा, 15.12 लाख परीक्षार्थी; आनंद किशोर का यह निर्देश जरूर पढ़ें
डीएसपी के अनुसार, रिटायर्ड फौजी ने जान से मारने की नीयत से तीन-चार राउंड फायरिंग की थी। हालांकि, संयोगवश गोली पिता-पुत्र को नहीं लगी और वे सुरक्षित बच गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड फौजी बृजेश सिंह और उसके एक भाई को गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग में इस्तेमाल की गई बंदूक भी बरामद कर ली गई है।
इस संबंध में सराय थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है। डीएसपी ने बताया कि पूछताछ में रिटायर्ड फौजी ने बंदूक को लाइसेंसी बताया है, लेकिन थाने की पंजी में उसका विवरण दर्ज नहीं है। पुलिस यह जांच कर रही है कि बंदूक लाइसेंसी हथियार पोर्टल पर पंजीकृत है या नहीं।