अंबिकापुर के सीतापुर क्षेत्र में नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में कथित रूप से गलत मेडिकल रिपोर्ट देने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार एवं स्थानीय विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा सीतापुर बीएमओ को तत्काल बर्खास्त करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में शामिल सीतापुर विधानसभा के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत तथा जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि नाबालिग आदिवासी बच्चियों जैसे संवेदनशील मामले में गलत मेडिकल रिपोर्ट देना गंभीर लापरवाही है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने दोषी चिकित्सक के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग की।
वहीं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अंबिकापुर शहर अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह धंजल तथा अंबिकापुर ग्रामीण अध्यक्ष विनय शर्मा ने पीड़ित बच्चियों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि मामले में दोषियों को संरक्षण देने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
गौरतलब है कि सरगुजा जिला के थाना सीतापुर क्षेत्र में 24 अप्रैल की रात शादी समारोह से लौट रही दो नाबालिग पीड़िताओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। दोनों का प्रारंभिक मेडिकल परीक्षण सीतापुर अस्पताल में कराया गया था, लेकिन परिजनों ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। इसके बाद 29 अप्रैल को जिला अस्पताल अंबिकापुर में दोबारा मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 वयस्क आरोपियों एवं 3 विधि से संघर्षरत बालकों सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) एवं पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि गलत मेडिकल रिपोर्ट की पुष्टि होने के बावजूद संबंधित बीएमओ के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शन में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, सेवादल, कामगार कांग्रेस तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ सहित विभिन्न संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।