जिले के दूरस्थ अंचलों के बच्चों के लिए यह गर्मी छुट्टियों से बढ़कर है। एजुकेशन सिटी में 15 दिवसीय आवासीय ग्रीष्मकालीन खेल शिविर चल रहा है। इसमें बच्चे मैदान में पसीना बहाकर अपने भविष्य की नई इबारत लिख रहे हैं।
यह शिविर जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित है। इसमें जिले के चारों विकासखंडों से 260 बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। कई बच्चे पहली बार गांव से बाहर निकलकर आधुनिक प्रशिक्षण का अनुभव कर रहे हैं। कलेक्टर विश्वदीप और जिला पंचायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में यह शिविर संचालित है।
इसका उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा के अवसरों से जोड़ना है। बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के प्रशिक्षक आठ खेलों में तकनीकी प्रशिक्षण दे रहे हैं। इन खेलों में वॉलीबॉल, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, बैटमिंटन, कबड्डी, एथलेटिक्स और सॉफ्टबॉल शामिल हैं। शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स अकादमी में विशेष प्रशिक्षण मिलेगा।
सर्वांगीण विकास पर जोर
शिविर केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। बच्चों की दिनचर्या में योग, फिटनेस, अनुशासन और टीम भावना शामिल की गई है। स्वस्थ जीवनशैली को भी इसका हिस्सा बनाया गया है। सुबह मैदान में अभ्यास होता है और दिन में सेंट्रल लाइब्रेरी में सामान्य ज्ञान व शैक्षणिक गतिविधियां होती हैं। इससे बच्चे खेल के साथ बौद्धिक विकास की ओर भी बढ़ रहे हैं।
प्रतिभाओं को अवसर
प्रशिक्षकों के अनुसार, कई बच्चों में प्राकृतिक खेल क्षमता दिख रही है। उनमें तेज सीखने की प्रतिभा भी पाई गई है। यह शिविर दूरस्थ अंचल के बच्चों में आत्मविश्वास जगा रहा है। यह उनके भीतर छिपे बड़े सपनों को आकार देने का एक अभियान बन गया है।