जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भिलाई में सुशासन तिहार 2026 के तहत एक महत्वपूर्ण जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भिलाई में आयोजित इस शिविर में 23 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में कुल 746 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 689 मांग संबंधी और 57 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल रहे।
अधिकारियों ने लिया जायजा
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह और कलेक्टर जन्मेजय महोबे सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। खनिज विकास निगम अध्यक्ष सौरभ सिंह ने ग्रामीणों से शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने जल संरक्षण और नए तालाब निर्माण को प्राथमिकता देने के महत्व पर भी जोर दिया। विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन अब गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का सीधे समाधान कर रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने उपस्थित ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य, सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए।
शिविर में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जहां ग्रामीणों को विभिन्न स्वास्थ्य जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसमें ईसीजी, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सिकल सेल और हीमोग्लोबिन की जांच की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने नेत्र, ईएनटी, शिशु एवं स्त्री रोग संबंधी सेवाएं भी प्रदान कीं। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड का भी वितरण किया गया।
हितग्राहियों को मिली विभिन्न योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम के दौरान, पात्र हितग्राहियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। इसमें पीएम आवास योजना के तहत घरों की चाबियां, मनरेगा जॉब कार्ड, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण, श्रम कार्ड, सुपोषण किट और स्व-सहायता समूहों को ऋण शामिल थे। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिन्होंने समुदाय के सबसे कमजोर वर्गों के कल्याण को रेखांकित किया।
जांजगीर-चांपा जिले में आयोजित यह सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की पहुंच को प्रदर्शित करता है। 746 आवेदनों का प्राप्त होना और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने का आश्वासन, साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वितरण, यह दर्शाता है कि प्रशासन स्थानीय समुदायों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के शिविर न केवल समस्याओं का समाधान करते हैं बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं