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VIDEO : पूर्वाचल के रंग में रंगा गुरुग्राम का सदर बाजार
गुरुग्राम का सदर बाजार छठ महापर्व की पूजन सामग्री से अटा-पटा है। रेलवे स्टेशन, खांडसा, कन्हई, राजेंद्रा पार्क, सूरत नगर, सिकंदरपुर आदि के बाजार भी छठ की पूजन सामग्री से भर गया है। सदरबाजार में करीब 60 प्रतिशत सब्जी विक्रेता पूर्वांचल से हैं, इसलिए वे छठ का पूरा पैकेज बाजार में उपलब्ध रखते हैं। व्रती परिवारों को इससे आसानी होती है।
बाजार के विक्रेताओें ने बताया कि एक सूप भरकर पूजन सामग्री लगभग एक हजार रुपये से 1400 रुपये तक में उपलब्ध है। पिछले साल के मुकाबले पूजन सामग्री की कीमतों 20 से 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बिहार और गुरुग्राम में बाजार में एक बड़ा अंतर यह भी है कि बिहार में छठ पूजा की पूरी सामग्री एक दुकान में उपलब्ध नहीं होती है। फल और अन्य पूजन सामग्री अलग-अलग दुकानों से लेनी होती है। गुरुग्राम के बाजार छठ पूजा से जुड़ी सभी चीजें एक दुकान पर उपलब्ध होती है। सदर बाजार की बहुत सारी दुकानें छठ पूजा स्पेशल बनी हुई। आने वाले दो दिनों सदरबाजार से बाहर हनुमान मूर्ति के पास तक बाजार छठमय हो जाएगा। सूप, दउरा, डगरा, अरसा का पत्ता, सिंदूर, बद्धी, साठी का चावल,जौ, नारियल, कमरख, शकरकंद, सुथनी, गागल नीबू, अनानास, सुपारी, इलायची, लौंग, जनेऊ, मधु, हवन सामग्री, बद्धी, गुड़, घी, ठेकुआ बनाने का सांचा, कचवनिया के लिए अरवा चावल, गंगा जल, पंचमेवा, काला तिल, सौंफईख, कच्ची हल्दी, अदरक, मिट्टी का दीपक, हवन के मिट्टी का पात्र, बजरी का मटर आदि चीजें एक ही साथ दुकानों में उपलब्ध है। इसके अलावा शरीफा, आंवला, शकरकंद, अमरूद, केला, नारंगी, सेब आदि फल बाजार में अलग दुकानों में हैं।
कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत का इजाफा
पिछले साल जहां 100 से 120 रुपये जोड़ा सूप और नारियल मिल रहे थे। वहीं इस साल एक सूप की कीमत 80 से 100 रुपये, पीतल के सूप की कीमत 400 से 600 रुपये है। अनानास, गागल नीबू 150 से 200 रुपये जोड़ा, शरीफा 120 रुपये किलो, अमरूद 100 रुपये किलो, केला 70 से 80 रुपये दर्जन, सेब 100 से 160 रुपये किलो की कीमत पर है। दुकानों में पूजन सामग्री के छोटे-छोटे पैकेट पांच से 10 रुपये तक में उपलब्ध है। गुरुग्राम के विस्तार के साथ व्रतियों की संख्या में भी विस्तार हुआ है। इसकारण स्थानीय बाजार भी छठ महापर्व के रंग में रंगा है। इसके अलावा कुछ दुकानों में मिट्टी का चूल्हा, आम की लकड़ी, ठेकुआ के लिए गुड़, घी और आटा भी है। खरना की खीर के लिए साठी का चावल हालांकि छोटे-छोटे पैकेट में मिल रहा है।गुरुग्राम के व्रत धारी परिवारों को इस पैकेज सिस्टम का फायदा मिल रहा है। लोग एक दुकान में जाकर सारी पूजन सामग्री खरीद सकते हैं।
कोशी की सामग्री भी बाजार में
इन दुकानों में कोशी भरने की सामग्री मिट्टी का हाथी, हाथी का हौंदा, पंचदीप जैसी चीजें भी मिल रही है। जिन परिवारों में पिछले साल छठ से इस साल छठ के बीच कोई शुभ कार्य होता है, उन परिवारों के समृद्धि का प्रती कोशी भरा जाता है, इसमें मिट्टी के हाथी पर हौदा और उसपर धन धान्य का प्रतीक अनाज भरकर उसके चारो ओर लगे दीपक को जलाए जाने की रिवायत है। ईख से मंदिर नुमां संरचना बनाकर उसके नीचे हाथी और अनाज भरा पात्र रखकर व्रती और उनके परिजन रात्रि जागरण करते हैं और छठ के गीत गाते हैं।
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