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ग्रेटर नोएडा: सुरक्षाकर्मियों की भारी कमी, सुविधाओं का अभाव, केंद्रीय विहार में आक्रोशित निवासी
नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 06:17 PM IST
ग्रेटर नोएडा में सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था बदहाल हैं। पहले 130 सुरक्षाकर्मी 24 घंटे तैनात रहते थे। अब केवल 30 से 40 बचे हैं। सोसाइटी में कोई भी कभी भी आ जा सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद खराब श्रेणी में है। एसटीपी बंद है। फायर उपकरण काम नहीं करते हैं। इन सभी मुद्दों को अमर उजाला संवाद में रविवार को केंद्रीय विहार सोसायटी के निवासियों ने उठाया। उन्होंने बताया कि मिल्क बूथ और मंदिर का वादा फ्लैट बेचते समय किया गया था,जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है। निवासियों ने बताया कि फ्लैट मालिकों के अधिकारों पर रोक लगाई जा रही है। सोसाइटी में पहले फ्लैट का रजिस्ट्रेशन एओए का फॉर्म भरने और फ्लैट की कीमत का 1.5% जमा कराने के बाद ही किया गया था। यूपी अपार्टमेंट एक्ट और मॉडल बाय लॉ के अनुसार भी हर फ्लैट मालिक स्वतः ही एओए का सदस्य होता है।
इसके बावजूद कुछ लोग अब नया सदस्यता फॉर्म भरने और 1000 सदस्यता शुल्क जमा करने जैसी शर्तें लगाकर वास्तविक फ्लैट मालिकों को एओए की गतिविधियों से बाहर करने की कोशिश कर रहे हैं। यह लोकतंत की हत्या है। 29 मार्च को प्रस्तावित चुनाव में सभी को वोट देने का हक मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि बिना जीबीएम की मंजूरी के वित्तीय मांग की जा रही है। सोसाइटी का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधा प्रबंधन गंभीर रूप से बिगड़ चुका है। निवासियों का कहना है कि अच्छी आवासीय कॉलोनी को अव्यवस्था में बदल दिया गया है। परिसर के अंदर बड़ी संख्या में अनधिकृत श्रमिक बस्ती बन गई है। किसी का भी कोई सत्यापन नहीं किया गया है।
सोसाइटी के बेसमेंट में गंदा पानी भरा होने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एसटीपी कभी चलती ही नहीं है। कई स्थानों पर सीवेज का पानी बेसमेंट और परिसर में फैल रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट प्लांट बंद पड़ा है। जिसके कारण कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि 150 से अधिक बार पाइपलाइन फट चुकी है। फायर फाइटिंग सिस्टम काम नहीं कर रहा, जो किसी भी आपात स्थिति में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। निवासियों के अनुसार हर महीने लगभग 40–50 लाख रुपये मेंटेनेंस के रूप में दिये जा रहे हैं। उसके बाद भी सुविधाएं कुछ भी नहीं है।
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